Delhi Lg Taranjit Singh Sandhu: तरणजीत सिंह ने ली दिल्ली उपराज्यपाल की शपथ, जानिए इनके बारे में खास बातें
Delhi New Lt Governor Taranjit Singh Sandhu: भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में 11 मार्च (रविवार) को शपथ ली। लोक निवास में आयोजित एक भव्य समारोह में, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।

वीके सक्सेना को भेजा गया लद्दाख
इस फेरबदल में, वर्तमान दिल्ली उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख भेजा गया है। यह कदम लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के बाद आया, जिन्हें अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।
Taranjit Singh Sandhu कौन हैं?
Taranjit Singh Sandhu भारत के एक वरिष्ठ राजनयिक (डिप्लोमैट) और पूर्व विदेश सेवा अधिकारी हैं। भारतीय विदेश सेवा के 1988 बैच के अधिकारी संधू के पास विशाल राजनयिक अनुभव है, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े मामलों में। उन्होंने वर्ष 2020 से 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कूटनीति, सुरक्षा और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
Taranjit Singh Sandhu का राजनयिक करियर
तरनजीत सिंह संधू ने अपने लंबे करियर में कई अहम पदों पर काम किया। वे श्रीलंका और अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। विशेष रूप से United States में भारत के राजदूत के रूप में उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने United Nations से जुड़े भारतीय मिशन में भी काम किया और विदेश मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
Taranjit Singh Sandhu को क्यों बनाया दिल्ली LG?
तरनजीत सिंह संधू को Delhi का उपराज्यपाल इसलिए बनाया गया क्यों इनके पास प्रशासनिक अनुभव, अंतरराष्ट्रीय समझ और केंद्र सरकार के साथ समन्वय का मजबूत अनुभव है। याद रहे दिल्ली में संवैधानिक रूप से "उपराज्यपाल" का पद होता है, जिसे केंद्र सरकार नियुक्त करती है।सरकार आमतौर पर ऐसे अनुभवी और भरोसेमंद अधिकारियों को इस प्रकार के संवैधानिक पदों पर नियुक्त करती है जिनका प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव मजबूत हो।
आर एन रवि बने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल
मुख्य नियुक्तियों में तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि गुप्ता को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाना शामिल है। यह सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद हुआ। बोस नवंबर 2022 से बंगाल के राज्यपाल के रूप में तैनात थे।
केरल के राज्यपाल को सौंपा गया तमिलनाडु का भी कार्यभार
इस बीच, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जब तक रवि बंगाल का पदभार नहीं संभालते। बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में जल्द ही महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होंगे।
इन राज्यों में भी बदले गए राज्यपाल
राष्ट्रपति ने तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया।
नंद किशोर बनें नागालैंड के राज्यपाल
नंद किशोर यादव नागालैंड के राज्यपाल बने हैं, और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को भी एक पद मिला है। राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ये नियुक्तियां कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी।












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