'उम्मीद है SC न्याय करेगा', केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका की सुनवाई पर बोले सौरभ भारद्वाज
Saurabh Bhardwaj Supreme Court Center Ordinance: केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली सरकार की चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट 10 जुलाई यानी सोमवार को सुनवाई करेगा। इसको लेकर कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दिल्ली की जनता के साथ सुप्रीम कोर्ट न्याय करेगा।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 2018 में कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आदेश पारित कर कहा था कि सर्विसेज दिल्ली सरकार के पास रहेंगी। उसके बाद 2023 में फिर आदेश पारित हुआ कि सेवाएं दिल्ली सरकार के पास ही रहेंगी।

केंद्र सरकार पर निशाना
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ना तो जनता की, ना ही संविधान की और ना ही सुप्रीम कोर्ट की सुनती है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 8 सालों में दिल्ली सरकार को अदालती कार्यवाही में अपना समय बर्बाद करना पड़ा। सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उस दिन अध्यादेश पारित करते हैं, जिस दिन कोर्ट में छुट्टी होती है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय दिल्ली की जनता के साथ न्याय करेगा।
'केंद्र का अध्यादेश असंवैधानिक'
बता दें कि केंद्र के अध्यादेश पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। केजरीवाल सरकार ने इस अध्यादेश को असंवैधानिक बताया था। दिल्ली सरकार ने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केजरीवाल सरकार का कहना है कि दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार केंद्र सरकार के नियंत्रण में नहीं हो सकता है।
अध्यादेश का विरोध कर रही दिल्ली सरकार
केंद्र सरकार ने यह अध्यादेश 19 मई को लाई थी। दिल्ली सरकार लगातार इस अध्यादेश का विरोध कर रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस अध्यादेश को लेकर सभी विपक्षी पार्टियों से अपना समर्थन मांग चुके हैं। सभी विपक्षी दलों से मुलाकात कर इस अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगा है।
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