राजनीति के लिए ऑक्सीजन की तरह बिजली संकट भी हो सकती है मैन मेड क्राइसिस: सत्येंद्र जैन
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों ने कोयले की कमी के चलते बिजली संकट की आशंका जताई है। इस संकट को टालने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरवाल ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा। इस बीच दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने बिजली संकट को कोविड की दूसरी लहर में मेडिकल ऑक्सीजन के संकट से जोड़कर बिना नाम लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। बैठके के बाद सत्येंद्र जैन ने कहा कि यह ऑक्सीजन संकट के समान मानव निर्मित संकट प्रतीत होता है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली सरकार में ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, 'पूरे देश में कोयले से चलने वाले पावर प्लांट में कोयले की बहुत कमी है। दिल्ली को जिन प्लांट से बिजली आती है उनमें 1 दिन का स्टॉक बचा है, कोयला बिल्कुल नहीं है। केंद्र सरकार से अपील है रेलवे वैगन का इस्तेमाल कर कोयला जल्द पहुंचाया जाए।' उन्होंने कहा, 'क्योंकि यह ऑक्सीजन संकट के समान मानव निर्मित संकट प्रतीत होता है, इसलिए इसमें भी राजनीति की संभावना हो सकती है।'
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सत्येंद्र जैन ने कहा, कुछ राजनीति ऐसी चलती हैं कि आजकल सुनने में आा है कि कुछ क्राइसिस क्रिएट करो फिर लगेगा कुछ बड़ा काम किया है। सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, पूरे देश में कोयले से चलने वाले पावर प्लांट में कोयले की कमी है। हमारे पास जरूरत से 3.5 गुना ज्यादा उत्पादन क्षमता है और फिर भी हम बिजली पैदा नहीं कर पा रहे हैं। मौजूदा कोयला संकट को देखते हुए बिजली विभाग और बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। मीटिंग में मुद्दे और इसके संभावित समाधानों पर चर्चा की। केंद्र सरकार से कोयले का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने और 100 फीसदी क्षमता पर बिजली संयंत्र चलाने की अपील करता हूं। दिल्ली सरकार जो बिजली बाहर से खरीद रही है, उसके रेट 20 रुपए यूनिट है।












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