Rising Bharat Summit 2026 में PM मोदी का संदेश, बोले- 'गुलामी की मानसिकता' छोड़ दुनिया को राह दिखा रहा भारत
Rising Bharat Summit 2026: भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और आत्मविश्वास के प्रतीक 'राइजिंग भारत समिट 2026' का आयोजन नई दिल्ली में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। शनिवार, 28 फरवरी को समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन और विभिन्न उद्योग जगत के दिग्गजों की चर्चाओं ने 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को नई ऊर्जा दी।
News18 Rising Bharat Summit 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के बदलते आत्मविश्वास और वैश्विक भूमिका को लेकर बड़ा संदेश दिया।

News18 Rising Bharat Summit में बोले PM Modi-रातों-रात नहीं बनती देश की साख
समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में 'गुलामी की मानसिकता' की बेड़ियों को पूरी तरह से तोड़ दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्र की क्षमता अचानक या रातों-रात पैदा नहीं होती।
यह सालों के निरंतर प्रयास, कड़े परिश्रम और अनुभवों के संचय का परिणाम है। 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प अब असंभव को भी संभव बना रहा है। पीएम ने पुरानी सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले हम केवल अंतरराष्ट्रीय तकनीकों की नकल करने में संतोष महसूस करते थे, लेकिन आज भारत एआई (AI), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
क्या है इस साल के समिट की स्ट्रीम?
इस साल समिट की थीम 'स्ट्रेंथ विदिन' (Strength Within) रखी गई है। यह थीम इस बात को रेखांकित करती है कि भारत की असली शक्ति उसके आंतरिक सुधारों, युवा प्रतिभा और घरेलू नवाचारों में निहित है। समिट में आए विशेषज्ञों ने माना कि भारत अब केवल एक 'मार्केट' नहीं, बल्कि 'इनोवेशन हब' बन चुका है।
समिट के दूसरे दिन एक विशेष सत्र 'फ्रॉम फैक्ट्री टू डोर: मेड इन भारत, डिलीवर्ड विद लव' का आयोजन किया गया। इस सत्र में भारतीय लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। जिसमें अभिषेक चक्रवर्ती (CEO, DTDC Express) ने बताया कि कैसे तकनीक के माध्यम से एंड-टू-एंड इकोसिस्टम बनाया जा रहा है। गौतम कपूर (शिपरॉकेट) ने ई-कॉमर्स और ग्लोबल डिलीवरी में भारतीय कंपनियों की बढ़ती हिस्सेदारी पर चर्चा की। तरुण शर्मा (mCaffeine) ने बताया कि कैसे भारतीय ब्रांड्स अब वैश्विक मानकों को चुनौती दे रहे हैं।
अब केवल 'बैक-एंड' नहीं, 'फ्रंट-ऑफिस' है भारत
समिट के दौरान वीवर्क इंडिया के सीईओ करण वीरवानी ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया। उन्होंने कहा कि वह दौर बीत गया जब भारत को केवल 'कॉल सेंटर' या 'बैक-एंड' काम का केंद्र माना जाता था। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के इस युग में वास्तविक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और हाई-एंड फ्रंट-ऑफिस कार्य अब भारतीय टैलेंट द्वारा यहीं से संचालित हो रहे हैं।
Rising Bharat Summit 2026 की बड़ी बातें
विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। लॉन्ग टर्म विजन पर फोकस रखा गया है। चर्चा का केंद्र केवल वर्तमान नहीं, बल्कि अगले 25 सालों का रोडमैप रहा।
समिट में अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं ने भी शिरकत की और माना कि भारत के बिना वैश्विक भू-राजनीति अधूरी है। 'राइजिंग भारत समिट 2026' ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत का आत्मविश्वास अब 'सेल्फ-रिलायंस' (आत्मनिर्भरता) से आगे बढ़कर 'ग्लोबल इन्फ्लुएंस' (वैश्विक प्रभाव) की ओर बढ़ चुका है।












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