हाजी मस्तान से लेकर राजीव गांधी के हत्यारों तक, राम जेठमलानी ने लड़े ये चर्चित केस
Recommended Video

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में रविवार को निधन हो गया। राम जेठमलानी पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। सांसद और मंत्री तक रह चुके राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में लड़े कई मुकदमे चर्चित भी रहे और उनकी शोहरत की वजह भी बने। आइए जानते हैं कि राम जेठमलानी ने किन मुकदमों की पैरवी की थी।

'मोस्ट वांटेड' क्रिमिनल लॉयर के नाम से थे मशहूर
राम जेठमलानी ने कई हाई प्रोफाइल क्रिमिनल मुकदमों को लड़ा था और कई में जीत हासिल की। बता दें कि जेठमलानी ने मात्र 17 साल की उम्र में एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। यहां तक कि उनके वकील बनने के लिए वकील बनने की उम्र में संशोधन किया गया था। उन दिनों प्रैक्टिस करने की न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई थी, लेकिन जेठमलानी की काबिलियत को देखते हुए इस उम्रसीमा में छूट दी गई थी। उनकी गिनती देश के नामचीन क्रिमिनल वकीलों में की जाती थी। साथ ही 'मोस्ट वांटेड' क्रिमिनल लॉयर के नाम से मशहूर राम जेठमलानी जेसिका लाल से अफजल तक, कई बार अपनी वकालत से चर्चा में रहे है।

इन केसों की वजह से रहे चर्चा में
पहले ही केस में चर्चित हो गए थे। यह केस 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का था। इसमें जेठमलानी ने यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ के साथ केस लड़ा था। इस केस पर एक से ज़्यादा फिल्में बनीं। नेवी अफसर माणिकशॉ नानावटी ने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी। इसके बाद उन्होंने खुद को सरेंडर कर दिया था। वो तीन साल जेल में रहे और आखिरकार जेठमलानी ने उनका केस लड़कर उन्हें रिहा करा लिया था।

हाजी मस्तान केस
60 और 70 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड के डॉन के तौर पर हाजी मस्तान कुख्यात था। मस्तान पर तस्करी के कई मामलों में मुकदमे दायर हुए थे। तस्करी के ऐसे ही एक मामले में जेठमलानी ने मस्तान के बचाव के वकील के तौर पर अदालत में पैरवी की थी।

राजीव गांधी हत्या केस
1990 के दशक में मद्रास हाईकोर्ट में राजीव गांधी के हत्यारों के खिलाफ मुकदमा बेहद चर्चित रहा था। इस केस में आरोपियों की तरफ से वकील के तौर पर पैरवी करते हुए जेठमलानी ने फांसी की सज़ा को उम्रक़ैद में तब्दील कराया था।

अफज़ल गुरु केस
संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफज़ल गुरु का केस उस फेहरिस्त में है, जिनमें जेठमलानी को कामयाबी नहीं मिली थी। अफज़ल को अदालत ने फांसी की सज़ा दी थी और इस सज़ा में रियायत बरतने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी लेकिन यहां उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी।

जेसिका लाल मर्डर केस
दिल्ली के इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में एक राजनेता का बेटा मुख्य आरोपी था और इसी वजह से यह हाई प्रोफाइल केस लगातार सुर्खियों और चर्चा में रहा था। जेठमलानी ने इस केस में हत्या के आरोपी आरोपी मनु शर्मा के बचाव में पैरवी की थी। जेठमलानी को अपने क्लाइंट को बचाने में शुरूआती कामयाबी तो मिली लेकिन आखिरकार शर्मा को उम्र कैद की सज़ा हुई थी।

आसाराम बापू मामला
यौन उत्पीड़न ये जुड़े अलग-अलग मामलों में आरोपी के तौर पर आसाराम बापू फिलहाल जेल में हैं। इस केस में आसाराम के बचाव में जेठमलानी ने ही अब तक केस लड़ा और यह केस भी अब तक अदलत में है। बता दें कि राम जेठमलानी के हाई प्रोफाइल मामलों में चारा घोटाला में लालू प्रसाद यादव, खनन घोटाला में येदियुरप्पा का केस, संसद पर हमले में अफजल गुरु का केस, सहारा सेबी केस में सुब्रतो रॉय का बचाव और रामलीला मैदान मामले में बाबा रामदेव का बचाव महत्वपूर्ण हैं।












Click it and Unblock the Notifications