सिंघु बॉर्डर पर मुर्गा देने से मना करने पर मजदूर को पीटा, पुलिस को निहंगों की भूमिका पर संदेह
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर निहंगों द्वारा एक व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या करने के कुछ दिनों बाद, गुरुवार को किसानों के विरोध स्थल पर एक अन्य व्यक्ति पर हमला किया गया है। पुलिस को संदेह है कि हमले को कथित तौर पर निहंग सिखों ने अंजाम दिया था, जो कुछ दिन पहले दलित व्यक्ति की हत्या में भी शामिल थे। घटना गुरुवार सुबह 11 बजे के आसपास सिंघु बॉर्डर की है। सोनीपत के कुंडली थाने की पुलिस ने निहंग नवीन संधू को हिरासत में ले लिया।

पीड़ित की पहचान मनोज पासवान के रूप में हुई है। वह पोल्ट्री फार्म में काम करता है। गुरुवार को वह अपने वाहन में मुर्गियां लेकर धरना स्थल से गुजर रहा था, तभी उन्हें निहंगों के कपड़े पहने एक व्यक्ति ने रोक लिया। निहंग ने उससे मुर्गा मांगा। जब उसने कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि उसे गिनकर सप्लाई मिलती है और लौटकर हिसाब देना पड़ता है तो निहंग ने उसकी पिटाई शुरू कर दी।
डीएसपी राव वीरेंद्र सिंह ने कहा कि निहंग सिखों के वेश में एक व्यक्ति ने सिंघू बॉर्डर पर मुख्य मंच के पीछे पासवान के साथ मारपीट की। उस व्यक्ति ने कथित तौर पर पासवान से एक मुक्त मुर्गी की मांग की थी। डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब पासवान ने इससे इनकार किया, तो उस व्यक्ति ने कथित तौर पर उसे पीटा और उसका पैर तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान हरियाणा के करनाल जिले के निवासी नवीन के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले जाया गया है। नवीन लंघू निहंग बाबा अमन सिंह के दल का है।
सिंघु पर हत्या के बाद चर्चा में बाबा अमन सिंह का दल सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्टूबर की सुबह हुई लखबीर सिंह की हत्या के बाद बाबा अमन सिंह और उनका निहंग दल चर्चा में है। लखबीर सिंह की हत्या से जुड़े केस में पुलिस के सामने सरेंडर करने वाले चारों निहंग, नारायण सिंह, सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत सिंह बाबा अमन सिंह के ही दल के हैं। यह चारों पुलिस और सोनीपत कोर्ट में जज के सामने लखबीर को मारने का जुर्म कबूल कर चुके हैं।












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