Delhi News: दिल्ली में DDA की नई पहल, सामुदायिक केंद्रों में पढाई कर सकेंगे छात्र-छात्राएं, LG ने दिए निर्देश
Delhi News: दिल्ली विकास प्राधिकरण ने राजधानी में कम उपयोग किए जा रहे सामुदायिक केंद्रों को पुस्तकालयों और वाचनालयों में बदलने का निर्णय लिया है। यह पहल हजारों छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ अध्ययन और आरामदायक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पहचान किए गए केंद्र और उनके लक्ष्य
DDA ने राजेंद्र नगर अदचिनी, विकासपुरी, द्वारका सेक्टर-16बी और रोहिणी के पांच सामुदायिक केंद्रों को वाचनालयों और पुस्तकालयों में बदलने की योजना बनाई है। इन केंद्रों का निर्माण और रूपांतरण कार्य तेजी से प्रगति पर है।

यह कदम जुलाई में राजेंद्र नगर में एक निजी कोचिंग सेंटर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद लिया गया। वाचनालय में डूबने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। जिससे छात्रों की सुरक्षा और निजी वाचनालयों की अधिक फीस जैसे मुद्दों पर सवाल उठे। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने घटनास्थल का दौरा कर छात्रों से मुलाकात की और समस्या के समाधान का वादा किया।
इसके बाद उपराज्यपाल ने DDA अधिकारियों के साथ बैठक कर सामुदायिक केंद्रों को वाचनालयों और पुस्तकालयों में बदलने का निर्देश दिया। राजेंद्र नगर केंद्र के निर्माण का काम तुरंत शुरू हुआ। लेकिन GRAP प्रतिबंधों के चलते इसमें देरी हुई। अब यह केंद्र इस महीने के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है।
सुविधाएं और प्रबंधन
इन वाचनालयों और पुस्तकालयों में छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। जिसमें कैफेटेरिया, जिम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनमें DDA नागरिक बुनियादी ढांचे का ध्यान रखेगा। विश्वविद्यालय संचालन का प्रबंधन करेंगे। पुस्तकें सीएसआर और परोपकार के माध्यम से प्राप्त की जाएंगी।
दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
राजेंद्र नगर केंद्र पटेल नगर, करोल बाग और राजेंद्र नगर कोचिंग हब के छात्रों को सेवा प्रदान करेगा। अदचिनी केंद्र JNU, कटवारिया सराय और IIT दिल्ली के छात्रों के लिए उपयोगी होगा। इसी तरह रोहिणी, विकासपुरी और द्वारका के केंद्र भी स्थानीय छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करेंगे।
DDA की यह पहल छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुलभ, सुरक्षित और किफायती सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निजी वाचनालयों और पुस्तकालयों से जुड़े शोषण और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए। यह योजना शिक्षा और सामुदायिक विकास को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगी। कैफेटेरिया और जिम जैसी सुविधाएं इस पहल की उपयोगिता को और बढ़ाएंगी।












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