मात्र तीन घंटे में 950 किमी दूरी तय कर अहमदाबाद से दिल्ली पहुंचाए गए ब्रेड-डेड व्यक्ति के फेफड़े
ब्रेन-डेड व्यक्ति ने आज एक 54 वर्षीय व्यक्ति को जीवन दान दे दिया। उसके फेफड़ों को मात्र 3 घंटे में 950 किलोमीटर की दूरी तय कर अहमदाबाद से दिल्ली पहुंचाया गया।
नई दिल्ली, 23 दिसंबर। ब्रेन-डेड व्यक्ति ने आज एक 54 वर्षीय व्यक्ति को जीवन दान दे दिया। उसके फेफड़ों को मात्र 3 घंटे में 950 किलोमीटर की दूरी तय कर अहमदाबाद से दिल्ली पहुंचाया गया।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अहमदाबाद से दिल्ली पहुंचाए गए फेफड़े
दिल्ली के साकेत स्थित एक अस्पताल में सीओपीडी की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति तक इन फेफड़ों को समय पर पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। चूंकि मात्र तीन घंटे के भीतर यह दूरी तय करनी थी इसलिए इस दौरान गाड़ी एक सेकेंड के लिए भी कहीं नहीं रुकी।

दिल्ली पुलिस, अहमदाबाद पुलिस और NOTTO ने निभाई मुख्य भूमिका
पहले ग्रीन कॉरिडोर सिविल हॉस्पिटल से अहमदाबाद एयरपोर्ट तक बनाया गया। उसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट से साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। फेफड़ों को डोनर तक समय पर पहुंचाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पर पहले से ही एम्बुलेंस तैनात कर दी गई। बता दें कि फेफड़ों के सफल प्रत्यारोपण के लिए एक व्यक्ति की छाती से फेफड़े निकाले जाने के 8 घंटे के भीतर ही डोनर को ये फेफड़े लग जाने चाहिए। फेफड़ों को डोनर तक यह समय में पहुंचाने के लिए गुजरात पुलिस, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) ने मुख्य भूमिका निभाई।

मेरठ निवासी ज्ञान चंद्र को मिला जीवन दान, 9 घंटे में हुए सफल ऑपरेशन
उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी ज्ञान चंद्र कई वर्षों से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीड़ित थे। दान किए गए फेफड़े अहमदाबाद के 44 वर्षीय व्यक्ति के थे, जिन्हें ब्रेन हैमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत हार्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डॉ राहुल चंदोला ने बताया कि हम दानदाता के परिवार का स्वागत करते हैं, जिनके फैसले ने एक व्यक्ति को जीवन दान दे दिया। फेफड़ों के प्रत्यारोपण के लिए डॉक्टर राहुल चंदोला ने 15 डॉक्टरों की टीम बनाई और इस प्रत्यारोपण को करने में उन्हें 9 घंटे का समय लगा।












Click it and Unblock the Notifications