'दिल्ली वाला फ्लैट खाली करें पंजाब के CM मान, सांसद पद छोड़ा, लेकिन कब्जा अबतक बरकरार: केंद्र
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को राजधानी दिल्ली स्थित सरकारी आवास खाली करना होगा। यह आवास उन्हें उनके सांसद कार्यकाल के लिए दिया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री बन जाने के बाद अभी तक उन्होंने लोकसभा सचिवालय के (जो एमपी को अलॉट किए जाते हैं) फ्लैट को नहीं छोड़ा। ऐसे में लोकसभा सचिवालय डायरेक्टोरेट आॅफ एसेट्स को कहा गया है कि, अब मान को उससे बेदखल किया जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का केंद्र सरकार के आवास पर "अनधिकृत" कब्जा है, तो उन्हें ये खाली कर देना चाहिए।

बता दें कि, भगवंत मान इसी साल मार्च के महीने में पंजाब की सरकार में आए। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह आम आदमी पार्टी की ओर से ही पंजाब के संगरूर से सांसद थे। पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के लिए मार्च में उन्होंने संगरूर के सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने दिल्ली स्थित फ्लैट खाली नहीं किया था। ऐसे में अब लोकसभा सचिवालय ने कहा कि 13 अप्रैल के बाद पूर्व सांसद द्वारा फ्लैट में बने रहना 'अनधिकृत' है। लिहाजा, उनके खिलाफ यहां बेदखली की कार्यवाही शुरू की जाए, जो फ्लैट उन्हें संसद सदस्य के रूप में आवंटित किया गया था।
सम्पदा अधिकारी के समक्ष अपनी याचिका में सचिवालय ने कहा कि मान को केंद्र सरकार का डुप्लेक्स नंबर 33, नॉर्थ एवेन्यू, उसकी इकाइयों और 153 नॉर्थ एवेन्यू के साथ, 17 वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में उनके नियमित आवास के रूप में आवंटित किया गया था। उसके बाद इसी साल मान ने सांसद के पद से इस्तीफा तो दे दिया, किंतु उक्त आवंटन जो कि 14 अप्रैल से उनके नाम पर रद्द कर दिया गया," उस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए यह अनुरोध किया जाता है कि पूर्व सांसद भगवंत मान और उनसे संबंधित सभी व्यक्तियों को बेदखल करने की कार्यवाही शुरू की जाए और उनकी बेदखली के आदेश पारित किए जाएं।"
केंद्रीय सचिवालय के इस आदेश पर पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, अब उनका फ्लैट आरएलपी अध्यक्ष एवं राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल के नाम कर दिया गया है।












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