दिल्ली: वन महोत्सव कार्यक्रम से सीएम केजरीवाल का किनारा, मंच पर कुर्सी रही खाली, जानिए विवाद
नई दिल्ली, 24 जुलाई: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक बार फिर से केंद्र सरकार से ठन गई है, जिसके बाद सीएम केजरीवाल और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ 'वन महोत्सव' कार्यक्रम में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर पुलिस भेजकर दिल्ली सरकार के कार्यक्रम को कब्जा कर इसे राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया।

जिसके बाद अब कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सीट खाली रही। वहीं सीएम के प्रोग्राम में शामिल होने पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि मैं चाहता था कि अरविंद केजरीवाल इस कार्यक्रम में शामिल हों, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं आ सके।
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अपने बयान में उन्होंने आगे कहा, "यह एक ऐसा कार्यक्रम है, जहां हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। मैं उम्मीद करता हूं कि वह भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों में यह संदेश देने के लिए मौजूद रहेंगे कि हम दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।" बता दें कि वन महोत्सव का आयोजन दिल्ली सरकार के पर्यावरण और वन विभाग द्वारा किया गया था, जिसमें उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री केजरीवाल और मंत्री गोपाल राय को हिस्सा लेना था।
जानिए क्या है विवाद?
जानकारी के अनुसार जहां पहले कार्यक्रम के बैनर और पोस्टर में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की तस्वीर थी, वहीं मंच पर लगे होर्डिंग को ऐन वक्त में बदल दिया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर थी। जिसके बाद मंत्री गोपाल राय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि पीएमओ ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को मंच को "हाइजैक" करने, एलईडी स्क्रीन को बैनर से ढकने और एलईडी को कवर करने के लिए पीएम की तस्वीर वाला एक बैनर लगाने के लिए भेजा। गोपाल राय ने कहा था कि हम लड़ना नहीं चाहते लेकिन सरकारी कार्यक्रम को राजनीतिक बना दिया गया, इसलिए सीएम और मैं दोनों नहीं जा रहे हैं।












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