‘फोन नहीं उठाया तो धरती से उठवा लेंगे’, दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ, एनकाउंटर के बाद 2 शूटर दबोचे गए
Lawrence Bishnoi Delhi Crime: दिल्ली में अपराध की दुनिया से जुड़ी एक सनसनीखेज कहानी 13-14 जनवरी की दरमियानी रात सामने आई, जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर पुलिस के साथ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। ये वही शूटर हैं, जिन्होंने दो दिन पहले पश्चिम विहार के एक जिम और पूर्वी दिल्ली में एक कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग कर राजधानी को दहला दिया था। इन हमलों के पीछे मकसद था जबरन वसूली यानी एक्सटॉर्शन और डर का ऐसा माहौल बनाना कि सामने वाला झुक जाए।
'धरती से उठवा लेंगे' वाली धमकी
पश्चिम विहार के जिम के बाहर फायरिंग के बाद बदमाशों ने बेहद खौफनाक संदेश छोड़ा था। गैंग की ओर से कहा गया था, "अगली बार फोन नहीं उठाया तो तुम्हें धरती से उठवा लेंगे। तुम्हारा भी वही हाल होगा जो नादिर शाह का हुआ।" नादिर शाह वही कारोबारी था, जिसकी सितंबर 2024 में दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में हत्या कर दी गई थी। उस वारदात को भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा रंदीप मलिक ही ऑपरेट कर रहा था।

दो जगह एक ही रात में फायरिंग
दिल्ली को हिला देने वाली ये दोनों वारदातें एक ही रात हुई थीं। पश्चिम विहार में आउटर रिंग रोड पर आरके फिटनेस जिम के बाहर बाइक सवार दो बदमाशों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। इसके कुछ ही घंटों बाद पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में एक बिजनेसमैन के घर के बाहर भी इसी तरह हवाई फायरिंग की गई। इस दूसरी घटना का वीडियो भी बनाया गया ताकि सोशल मीडिया पर डर फैलाया जा सके। कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और अब उसे पुलिस सुरक्षा दी गई है।
गुप्त सूचना से एनकाउंटर तक
दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट एंटी नारकोटिक्स सेल को देर रात सूचना मिली कि फायरिंग करने वाले दोनों शूटर यमुना पुस्ता होते हुए अलीपुर और हीरानाकी मोड़ की तरफ जा रहे हैं। इसी इनपुट पर पुलिस ने ट्रैप लगाया। जैसे ही पुलिस ने स्कूटर सवार दोनों को रुकने का इशारा किया, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 5 से 6 राउंड गोलियां चलीं। एक गोली पुलिसकर्मी के बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जिससे उसकी जान बच गई।
एक शूटर घायल, दूसरा नाबालिग
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। दूसरा आरोपी, जो कथित तौर पर नाबालिग है, मौके पर ही दबोच लिया गया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक और एक नाबालिग के रूप में हुई है। इनके पास से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया गया है।
रंदीप मलिक ने दी थी सुपारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन दोनों को लॉरेंस बिश्नोई के करीबी रंदीप मलिक ने टास्क दिया था। शूटर्स को पहले एडवांस रकम दी गई और फिर एक सुरक्षित ऐप के जरिए दोनों जगहों के कोऑर्डिनेट भेजे गए। उसी के आधार पर उन्होंने पश्चिम विहार और विनोद नगर में फायरिंग की। यह वही स्टाइल है जो बिश्नोई गैंग पिछले कुछ समय से अपनाता रहा है, यानी पहले दहशत फैलाओ, फिर मोटी रकम की मांग करो।
सीसीटीवी और तकनीकी सुराग बने मददगार
स्पेशल सीपी रविंद्र यादव और जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर इन शूटर्स को ट्रैक किया। कॉल डिटेल, लोकेशन और वीडियो फुटेज से पुलिस धीरे-धीरे इनके करीब पहुंची और आखिरकार इन्हें दबोच लिया गया।
दिल्ली में गैंगवार के बढ़ते साए
इन दोनों की गिरफ्तारी से दिल्ली पुलिस को बड़ी राहत मिली है, लेकिन यह घटना बताती है कि संगठित अपराधी गैंग किस तरह राजधानी में अपने नेटवर्क फैला रहे हैं। एक ही दिन में दो हाई-प्रोफाइल फायरिंग और खुलेआम 5 करोड़ की रंगदारी की मांग, यह साफ करता है कि गैंग का मकसद सिर्फ पैसा नहीं बल्कि डर का साम्राज्य खड़ा करना है।
अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और आगे किन-किन को निशाना बनाया जाना था। दिल्ली के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस कार्रवाई के बाद बिश्नोई गैंग की कमर जरूर टूटेगी।












Click it and Unblock the Notifications