केजरीवाल सरकार ने सदन में जीता विश्वास मत, हासिल किए 70 में से 58 वोट
नई दिल्ली, 1 सितंबर: आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को अपना बहुमत साबित किया। साथ ही विश्वास मत को जीत लिया। इस विश्वास मत में 70 में से 58 विधायकों ने केजरीवाल सरकार के पक्ष में मतदान किया। मौजूदा वक्त में AAP के 62 और बीजेपी के 8 विधायक हैं, लेकिन विश्वास मत के दौरान कुछ विधायक अनुपस्थित रहे। AAP कई दिनों से आरोप लगा रही है कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही, जिस वजह से उन्हें बहुमत साबित करना पड़ा।

विश्वास मत जीतने के बाद सीएम केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी वाले दिल्ली में AAP के एक भी विधायक को खरीदने में विफल रहे। मौजूदा वक्त में दिल्ली विधानसभा में AAP के 62 विधायक हैं, जिसमें से दो विदेश में हैं, जबकि एक जेल में। वहीं स्पीकर भी AAP से हैं, लेकिन वो वोट नहीं कर सकते। ऐसे में उन्हें 58 वोट हासिल हुए।
20 करोड़ का मिला था ऑफर- केजरीवाल
पिछले हफ्ते केजरीवाल ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के 40 विधायकों को निशाना बनाया जा रहा है। इसमें प्रत्येक को पार्टी बदलने पर 20 करोड़ रुपये का ऑफर मिल रहा। इसके बाद उन्होंने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया, ताकि बीजेपी के सामने वो अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकें।
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने इस विश्वास मत को पूरी तरह से ड्रामा करार दिया है। बीजेपी ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया पूरी तरह से शराब घोटाले में फंस गए हैं। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही, ऐसे में वो ध्यान भटकाने के लिए ये सब ड्रामा कर रहे हैं।
सिसोदिया के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी
आपको बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले सीबीआई ने दिल्ली समेत देश में कई जगहों पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी दिल्ली आबकारी घोटाले में हुई। छापेमारी के बाद सीबीआई की एक टीम ने सिसोदिया के बैंक लॉकर की भी जांच की। आम आदमी पार्टी का दावा है कि इतनी छापेमारी के बाद भी सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई को कोई सबूत नहीं मिले।












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