लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए नहीं पहुंचा जेएनयू के गायब छात्र नजीब का साथी
जेएनयू से लापता हुए छात्र नजीब के साथ हॉस्टल में रहनेवाला छात्र कासिम पुलिस से हामी भरने के बाद भी लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए नहीं पहुंचा।
नई दिल्ली। 15 अक्टूबर को जवाहर लाल विश्वविद्यालय से गायब हुए एमएससी के छात्र नजीब की गुमशुदगी के पीछे की वजह जानने के लिए दिल्ली पुलिस विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करना चाहती है। लेकिन उसका पहली कोशिश नाकाम रही है।

पुलिस ने नजीब के रूममेट कासिम के पॉलीग्राफ टेस्ट की बात कही थी जिसके लिए उसने अपनी सहमति भी दे दी थी, लेकिन गुरूवार को वह टेस्ट के लिए दिल्ली के रोहिणी स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में नहीं पहुंचा।
नजीब के गायब होने से पहली रात को हॉस्टल में कथित झड़प में शामिल रहे छात्रों सहित अब तक नौ लोगों को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए नोटिस दिया गया है लेकिन अभी किसी का भी टेस्ट नहीं हो सका है।
वहीं जेएनयू की छात्रनेता शहला रशीद ने एबीवीपी के छात्रों पर लाई डिटेक्टर टेस्ट से भागने का आरोप लगाया है। शहला ने ट्वीट करते हुए कहा है कि नजीब के साथ मारपीट करने वाले एबीवीपी के छात्रों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है।
खोजी कुत्तों की मदद से खंगाला जा चुका है जेएनयू परिसर
हाल ही में दिल्ली पुलिस के 560 जवानों ने खोजी कुत्तों की मदद से दो दिन तक जेएनयू परिसर की तलाशी ली है लेकिन इसके बावजूद नजीब का कोई सुराग नहीं लग सका।
नजीब की बरामदगी को लेकर जेएनयू के छात्र और उसकी मां फातिमा लगातार सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली हाइकोर्ट में भी ये मामला है। दिल्ली पुलिस ने नजीब के बारे में सूचना देने वालों को 10 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की हुई है।
आपको बता दें कि जेएनयू के एमएससी के पहले साल के छात्र नजीब के गायब होने के लिए उसके साथी छात्र अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं पर आरोप लगाते रहे हैं। छात्रों का कहना है कि एबीवीपी के छात्रों ने नजीब को बुरी तरह से मारा-पीटा और उसको गायब किया।












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