DU में कोविड केयर सेंटर की मांग करने वाले हिंदू कॉलेज के प्रोफेसर सीएल जोनवाल की कोरोना से मौत
नई दिल्ली, 26 मई। देश अभी भी कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा हैं, पिछले साल दस्तक देने वाले कोविड ने अब तक 3 लाख से अधिक जिंदगियां छीन ली। इस बीच बीते सोमवार हिंदू कॉलेज में जूलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ सीएल जोनवाल का भी 42 साल की उम्र में कोरोना वायरस के चलते निधन हो गया। बता दें कि सोनवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसर में कोविड देखभाल केंद्र स्थापित करने की मांग की थी, लेकिन उनके आग्रह को नजरअंदाज कर दिया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये और सीएल जोनवाल की मौत के बाद अब शिक्षण समुदाय के वर्गों का गुस्सा फूट पड़ा है। 1 मई को अपने आखिरी फेसबुक पोस्ट में जोनवाल ने लिखा था, 'डीयू की ओर से एक ट्वीट किया गया था जिसमें कोविड केयर सेंटर की स्थापना किए जाने की बात कही गई थी, इसमें और कितनी देर लगेगी?' इससे पहले 22 अप्रैल को उन्होंने लिखा था, 'किसी भी चिकित्सा आवश्यकता को पूरा करने के लिए, WUS (स्वास्थ्य केंद्र), DU को पर्याप्त रूप से सुसज्जित बुनियादी ढांचा तैयार रखना चाहिए।' बता दें कि अब तक कोरोना के लगभग 45 शिक्षकों की मौत हो चुकी है।
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28 अप्रैल को किए अपने एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था, '2020 में कोरोना वायरस ने हमें चौंका दिया था क्योंकि इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन हम 2021 में बुरी तरह विफल रहे क्योंकि इसे लेकर हमारी तैयारी कम थी।' जोनवाल पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी भी डीयू के एक अन्य कॉलेज में गणित पढ़ाती हैं। जोनवाल को दो महीने से भी कम समय पहले एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पदोन्नत किया गया था। अप्रैल के अंत में वह कोरोना वायरस की चपेट में आए थे, सूत्रों के मुताबिक इस दौरान वह दिल्ली में ही थे लेकिन ऑक्सीजन और अस्पताल के बिस्तरों की कमी के कारण जोनवाल कुछ दिनों बाद राजस्थान के अलवर में अपने गृहनगर के लिए रवाना हो गए थे।












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