उपहार केस: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती पर गोपाल अंसल ने किया तिहाड़ में सरेंडर
गोपाल अंसल ने याचिका डालकर सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर के लिए कुछ वक्त देने की मांग की थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए गोपाल अंसल को सरेंडर करने के आदेश दिए थे।
दिल्ली। उपहार सिनेमा अग्निकांड में दोषी पाए गए गोपाल अंसल ने सोमवार की शाम में तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल अंसल को और मोहलत देने से इनकार करते हुए आत्मसमर्पण करने को कहा था।

गोपाल अंसल के वकील राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट से आत्मसमर्पण करने के लिए कुछ और दिनों की मोहलत मांगी थी। जेठमलानी ने दलील दी कि गोपाल अंसल की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेजी गई है और इस समय राष्ट्रपति उपलब्ध नहीं हैं इसलिए सरेंडर करने के लिए कुछ वक्त दिया जाय।
जेठमलानी की दलील की खारिज करते हुए चीफ जस्टिस जे एस खेहर, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजय किशन कौल की खंडपीठ ने गोपाल अंसल को सोमवार को सरेंडर करने को कहा।
13 जून 1997 को उपहार सिनेमा कांड हुआ था जिसमें बॉर्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान हॉल में आग लगने से 59 लोगों की जान गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 20 साल तक इस केस की सुनवाई चली जिसमें फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सिनेमा हॉल मालिक सुशील अंसल और गोपाल अंसल को दोषी माना था। इस मामले में सुशील अंसल को उम्र की वजह से कोर्ट ने राहत दी थी और गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई थी।












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