दिल्ली में लिंगानुपात गिरा, मातृ मृत्यु दर बढ़ी, 2023 को लेकर सरकारी रिपोर्ट में दावा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वर्ष 2023 को लेकर सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नमेंट अस्पतालों में शिशु जन्म का प्रतिशत 64.56 रहा। दिल्ली का लिंग अनुपात वर्ष 2022 की तुलना में पिछले वर्ष यानी 2023 में 929 से गिरकर 922 हो गया। जबकि केंद्र शासित प्रदेश में की जन्म दर 14.66 प्रतिशत और मृत्यु दर 6.16 प्रतिशत दर्ज की गई।
केंद्र शासित दिल्ली में वर्ष 2023 के दौरान मृत्यु दर की बात करें तो प्रति हजार जीवित जन्मों पर शिशु मृत्यु दर 2023 के दौरान 23.61 थी, जबकि 2022 के दौरान 23.82 थी, जबकि प्रति हजार जीवित जन्मों पर मातृ मृत्यु दर 2023 में 0.45 थी, जबकि 2022 में यह प्रति एक हजार पर 0.49 रही।

वहीं सरकार द्वारा हाल ही में जारी 'दिल्ली में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण पर वार्षिक रिपोर्ट-2023' से यह भी पता चला है कि शिशु मृत्यु दर में थोड़ी कमी आई है जबकि मातृ मृत्यु दर में वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2022 के लिए 14.24 की तुलना में 2023 के दौरान जन्म दर 14.66 प्रति हजार जनसंख्या पर आंकी गई। 2023 के दौरान प्रति हजार जनसंख्या पर मृत्यु दर 6.16 थी, जबकि 2022 में यह 6.07 थी।
दो दशक पहले नागरिक पंजीकरण प्रणाली से उपलब्ध आंकड़ों से पता है कि वर्ष 2005 में जन्म के समय लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 822 महिलाओं का था और इसमें हर साल सुधार हो रहा है और वर्ष 2007 में यह 848 था।
रिपोर्ट के मुताबकि, सरकारी अस्पतालों में जन्म का प्रतिशत 64.56 था। कुल जन्मों में से 13.79 प्रतिशत जन्म ग्रामीण थे और 86.21 प्रतिशत जन्म माँ के निवास स्थान के अनुसार शहरी थे। वहीं 99.68 प्रतिशत मामलों में, डॉक्टर, नर्स, प्रशिक्षित दाई मौजूद थीं और 0.30 प्रतिशत मामलों में गैर-प्रशिक्षित दाई या पारंपरिक व्यवस्था के तहत हुए
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसव के ऐसे मामले नगण्य (0.01 प्रतिशतक) थे, जब रिश्तेदारों या अन्य लोगों की मदद से गैर सस्थागत डिलिवरी कराई गई।












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