Fraud Case: बुजुर्ग को झांसे में लेकर हड़पी करोड़ों की प्रॉपर्टी, शातिर महिला कौन? नेटवर्क में सरकारी अधिकारी

जमीन की रजिस्ट्री को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। मामले में रजिस्ट्रार की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई जा रही है। मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का है। जहां पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने बुजुर्ग महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। जिसके तहत आरोपी बिल्डर शैली थापर, उसके बेटे साहिर थापर, उनकी कंपनी आरएसएस एस्टेट, साउथ डिस्ट्रिक्ट के सब रजिस्ट्रार दफ्तर के अफसरों को भी आरोपी बनाया गया है।

मामला दिल्ली के वसंत कुंज इलाके का है। जहां एक दिव्यांग वृद्ध महिला से धोखाधड़ी करना इलाके के चर्चित बिल्डर शैली थापर को महंगा पड़ गया। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने बुजुर्ग महिला की शिकायत पर बिल्डर शैली थापर, उसके बेटे साहिर थापर, उनकी कंपनी आरएसएस एस्टेट, साउथ डिस्ट्रिक्ट के सब रजिस्ट्रार दफ्तर के अफसरों और अन्य के खिलाफ फ्रॉड का मामला दर्ज किया है।

Elderly woman trial against builder

इसके अलावा कोर्ट ने विवादित भूखंड पर किसी थर्ड पार्टी के हस्तक्षेप पर रोक लगा दी है। मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर रही न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने सोमवार को बिल्डर शैली थापर को पीड़ित परिवार का रास्ता नहीं रोकने का आदेश दिया है।

जमीन की रजस्ट्री में फॉड का शक
वसंत कुंज के चर्च मॉल रोड पर मौजूद गोगिया फार्म का मामला है। फार्म के चार हजार गज के हिस्से को बेचने के लिए फार्म की मालिक बुजुर्ग मोनिका गोगिया और बिल्डर शैली थापर के बीच डील हुई थी। डील के तहत शैली को 38 करोड़ देना था। करार के तहत बिल्डर ने फार्म मालिक को 10 करोड़ रुपए एडवांस दिए और 23 फरवरी को मोनिका गोगिया को महरौली सब रजिस्ट्रार दफ्तर ले जाकर दस्तावेजी औपचारिकता पूरी करा ली। लेकिन जब रजिस्ट्रार के सामने पेश होकर रजिस्ट्री की पुष्टि करने की बारी आई तो मोनिका गोगिया ने बाकी का 28 करोड़ रुपए पेमेंट मिले बिना रजिस्ट्री करने से मना कर दिया। शक होने पर गोगिया ने रजिस्ट्रार शोभा तौला और डीएम एम. चैतन्य प्रसाद के दफ्तर में मामले की शिकायत और पूरी जानकारी देकर रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग की।

बिल्डर पर गंभीर आरोप
आरोप है कि मामले में मिलीभगत की आरोपी सब रजिस्ट्रार शोभा तौला ने आरोपी बिल्डर शैली थापर से मिलकर चाल चली और गोगिया को एक नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब देने के समय दिया। मगर 29 फरवरी को लिखा गया यह नोटिस ही उन्हें 2 मार्च को भेजा गया. जिससे सब रजिस्ट्रार की भूमिका स्पष्ट तौर पर संदिग्ध हो गई। मोनिका गोगिया का आरोप है कि उन्होंने 4 मार्च की शाम मिले इस नोटिस का जवाब निर्धारित समय में दे दिया, बावजूद इसके सब रजिस्ट्रार ने तमाम तथ्यों को दरकिनार कर उनकी संपत्ति की रजिस्ट्रियां बिल्डर शैली थापर के नाम कर दी।

इकोनॉमिक ऑफेंस विंग पहुंचा केस
उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद जब उचित कार्रवाई नहीं की गई तो बुजुर्ग महिला ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EWO) में शिकायत कर दी। महिला ने पुलिस को बताया कि बिल्डर शैली थापर और उसका बेटा साहिर थापर भूमाफिया हैं और वह उनकी बची हुई करीब 95 करोड़ रुपए की संपत्ति पर भी कब्जा करना चाहते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+