प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार तैयार, 15 सितंबर को आएगी योजना की पहली रिपोर्ट
नई दिल्ली, 06 सितंबर। राजधानी दिल्ली में नवंबर-दिसंबर से वायु प्रदूषण की स्थिति खराब हो जाती है। इसके चलते लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से जुझना पड़ता है। हालांकि, इस बार वायु प्रदूषण विकारल रूप न धारण करें इसको लेकर दिल्ली सरकार ने अभी से काम करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर सभी एजेंसियों और सरकारी विभागों को 7 सितंबर तक पर्यावरण विभाग को सुझाव देने को कहा गया है। इस बात की जानकारी दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को समीक्षा बैठक के बाद दी।

समीक्षा बैठक के दौरान पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि उनका विभाग 15 सितंबर तक एक्शन प्लान की रिपोर्ट सौंपेगा। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में स्थापित स्मॉग टॉवर के कामकाज पर पहली रिपोर्ट भी 15 सितंबर को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की तरफ से जारी की जाएगी। इससे सरकार को प्रदूषण की स्थिति को आकलन करने में मदद मिलेगी।
सोमवार को हुई बैठक में डीपीसीसी, पर्यावरण विभाग, विकास विभाग, दिल्ली छावनी बोर्ड, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली पुलिस, दिल्ली परिवहन निगम, राजस्व विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए थे।
बैठक के दौरान पर्यावरण प्रदुषण को कम करने की कार्ययोजना में पराली जलाना, धूल प्रदूषण, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, खुले में कचरा जलाना और औद्योगिक प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान पर्यावरण मंत्री राय ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र के लिए नोडल एजेंसी का फैसला किया गया है। यह योजना दिल्ली के पर्यावरण सुधार और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आपको बता दें कि दिल्ली में हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी यूपी में पराली जलाने की वजह से वायू प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। प्रदूषण से स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। इस बार भी ऐसा न हो, इसलिए राज्य सरकार अभी से तैयारियों में जुट गई है।
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