Delhi University Chunav 2024 में उतरे कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी? जानें पर्दे के पीछे का सच
Delhi University Student Union Chunav 2024-25: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में छात्र संघ चुनाव (DUSU Elections 2024-25) का माहौल पूरे जोर पर है। हजारों छात्र नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए वोट डाल रहे हैं। इस बार का चुनाव न केवल उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला दिखा रहा है, बल्कि कुछ अनोखे प्रचार भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। इसमें पंकज त्रिपाठी जैसे पोस्टर का किस्सा भी शामिल है।
वहीं, नॉर्थ कैंपस में मिर्जापुर वाला चुनावी बवाल भी देखने को मिला। एक उम्मीदवार द्वारा एक प्रोफेसर के साथ हाथापाई का आरोप लगाया गया। आइए, इस चुनाव से जुड़े हर पहलू को समझते हैं, पंकज त्रिपाठी पोस्टर से चुनावी बवाल तक....

कड़ी सुरक्षा और दो चरणों में मतदान
छात्र संघ चुनाव के लिए डीयू के उत्तर और दक्षिण परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को मतदान हो रहा है। करीब 1.40 लाख छात्र इस चुनाव में वोट डालने के लिए पात्र हैं। मतदान प्रक्रिया दो चरणों में हो रही है। सुबह से दोपहर 1 बजे तक और शाम दोपहर 3 बजे से 7:30 बजे तक।
कौन-कौन मैदान में: एबीवीपी, एनएसयूआई और वामपंथी गठबंधन
इस साल चुनाव में मुख्य मुकाबला आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) और वामपंथी गठबंधन के बीच हो रहा है। ABVP के महासचिव याज्ञवल्क्य शुक्ला का दावा है कि उनकी टीम ने करीब 1 लाख छात्रों तक अपनी बात पहुंचाई है और वे 4-0 से जीतने का विश्वास रखते हैं। वहीं, एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी का कहना है कि ये चुनाव विश्वविद्यालय को बचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्होंने हिंसा-मुक्त परिसर और पेपर लीक जैसी समस्याओं के समाधान का वादा किया है।
इन उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए ABVP के ऋषभ चौधरी, NSUI के रौनक खत्री और AISA के सावी गुप्ता के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद के लिए ABVP के भानु प्रताप सिंह, NSUI के यश नांदल और AISA के आयुष मंडल के बीच भी कांटे की टक्कर हो रही है।
सचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए भी कई उम्मीदवार मैदान में हैं। सचिव पद के लिए ABVP ने मित्रविंदा कर्णवाल को मैदान में उतारा है, जबकि संयुक्त सचिव पद के लिए ABVP के अमन कपासिया का मुकाबला NSUI और SFI के उम्मीदवारों से है।
मतदान के दौरान हाथापाई का मामला
मतदान प्रक्रिया के दौरान एक विवादास्पद घटना भी सामने आई। नॉर्थ कैंपस में NSUI के एक उम्मीदवार द्वारा एक प्रोफेसर के साथ हाथापाई का आरोप लगाया गया। यह घटना तब हुई जब बैलेट रूम में वोटिंग समय पर शुरू नहीं हो पाई, जिससे उम्मीदवार और प्रशासन के बीच कहासुनी हो गई और अंततः हाथापाई की नौबत आ गई।
मिर्जापुर के कालीन भैया चुनावी रण में?
डूसू चुनाव 2024 में एक उम्मीदवार के पोस्टर ने सबका ध्यान खींचा, क्योंकि उस पर फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी की तस्वीर छपी हुई थी। इस पोस्टर में उम्मीदवार का नाम पंकज जादौन लिखा था, जो सयुंक्त सचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहा है। पंकज जादौन ने बताया कि उसने खुद यह पोस्टर नहीं छपवाए हैं, बल्कि किसी और ने यह प्रचार पंपलेट तैयार की है।
पंकज जादौन ने साफ किया कि वह चुनावी गाइडलाइंस का पालन कर रहा है और इस पोस्टर से खुद को कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, उसने यह भी माना कि इस पोस्टर की वजह से लोग उसके बारे में बात कर रहे हैं, जिससे उसे फायदा मिल रहा है। उसने इस बारे में दिल्ली उच्च न्यायालय को एक आवेदन भी दिया है, और कोर्ट के आदेश के बाद इन पोस्टर्स को हटाया जा रहा है।
न्यायालय का आदेश और मतगणना पर रोक
दिल्ली उच्च न्यायालय ने डूसू चुनावों की मतगणना पर तब तक रोक लगा दी है, जब तक कि चुनाव प्रचार के दौरान लगे पोस्टर्स, होर्डिंग्स और भित्तिचित्रों को हटा नहीं लिया जाता और सार्वजनिक संपत्ति की मरम्मत नहीं हो जाती। अदालत ने यह आदेश गुरुवार को जारी किया, जिससे चुनावी प्रक्रिया में एक और मोड़ आ गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में इस बार न केवल कड़ी प्रतिस्पर्धा है, बल्कि कुछ अनोखी घटनाएं भी सुर्खियों में हैं, जैसे पंकज त्रिपाठी की तस्वीर वाले पोस्टर। चुनावी प्रचार के बीच, जहां एक तरफ ABVP और NSUI जैसे प्रमुख संगठन अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर न्यायालय के आदेश और विवादों के चलते चुनाव की प्रक्रिया और दिलचस्प हो गई है।












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