Delhi Blast: 10 दिन की NIA पूछताछ में क्या-क्या उगल गए संदिग्ध? चार मुख्य आरोपी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश
Delhi Terror Blast Case: दिल्ली आतंकी ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की 10 दिन की लंबी और महत्वपूर्ण हिरासत पूरी होने के बाद, चार प्रमुख आरोपी-डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, डॉ. अदील अहमद राथेर, डॉ. शाहीन सईद और मुफ़्ती इरफान अहमद वागे-को आज (29 नवंबर 2025) कड़ी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।
दिल्ली आतंकी धमाके के सिलसिले में हुई इन चारों की गिरफ्तारी के बाद, एजेंसी ने उनसे गहन पूछताछ की थी और मामले की परतें खोलने की कोशिश की थी। कोर्ट में पेशी के दौरान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई थी।

अब पटियाला हाउस कोर्ट यह तय करेगा कि इन चारों आरोपियों को आगे की जांच के लिए और रिमांड (हिरासत) की जरूरत है, उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजा जाए, या उनकी ज़मानत याचिका पर सुनवाई की जाए। कोर्ट का यह फैसला मामले की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगा।
दूसरी ओर एनआईए और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अल-फलाह विश्वविद्यालय की पूर्व डॉक्टर और फरीदाबाद के व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ी आरोपी डॉ. शाहीन सईद ने जांच एजेंसी के सामने बड़ा खुलासा किया है। शाहीन ने बताया कि उसका मुख्य मिशन देश में आतंक फैलाने के लिए एक आतंकी मॉड्यूल तैयार करना था।
क्यों बनाई थी महिलाओं को भर्ती करने की योजना?
उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने इस काम के लिए महिलाओं को भर्ती करने की योजना बनाई थी, क्योंकि उसके अनुसार 'महिलाओं को बरगलाना आसान होता है।' यह खुलासा तब हुआ जब जांच एजेंसी गुरुवार देर शाम उसे विश्वविद्यालय परिसर में ले जा रही थी।
निकाह की जगह पर NIA की छानबीन
जांच एजेंसी NIA ने डॉ. शाहीन को पहचान और छानबीन के लिए गुरुवार को अल-फलाह विश्वविद्यालय परिसर में लाया। टीम उसे उसके हॉस्टल के कमरा नंबर 22, मेडिकल वार्ड, क्लासरूम और उसके डॉक्टर के केबिन तक ले गई, जहां उससे उसकी दैनिक गतिविधियों और संपर्कों के बारे में पूछताछ की गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि डॉ. शाहीन को विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डॉ. भूपिंदर कौर आनंद के सामने भी आमने-सामने की पहचान (Face-to-Face Identification) के लिए लाया गया था। इसके अलावा, जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि डॉ. मुज़म्मिल और डॉ. शाहीन का निकाह खोरी जमालपुर गांव में हुआ था, और NIA टीम शाहीन को नेहरू ग्राउंड स्थित उस केमिकल की दुकान पर भी ले गई जहां डॉ. मुज़म्मिल ने विस्फोटक बनाने के लिए रसायन खरीदे थे।












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