दिल्ली: सोनिया विहार में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसे लोग, सड़क और नालों में फर्क करना हुआ मुश्किल

नई दिल्ली, 12 नवंबर। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम सुनते ही मन में ऊंची-ऊंची इमारतें और चमचमाती सड़कों की तस्वीर उभरने लगती है, लेकिन सच का पता ख्वाबों की दुनिया से जमीन पर आने के बाद ही पता चलता है। अगर पॉश इलाकों को अलग कर दें तो दिल्ली का ज्यादातर इलाका किसी गांव-देहात से कम नहीं है। यहां ना तो लोगों के लिए पीने के पानी की सुविधा है और ना ही चलने के लिए सड़क। आज हम आपको दिल्ली के ऐसे ही एक मशहूर सोनिया विहार इलाके की खस्ता हाल बताने जा रहे हैं जो अपने वाटर प्लांट के लिए जाना जाता है।

कई मायनों में महत्वपूर्ण है सोनिया विहार

कई मायनों में महत्वपूर्ण है सोनिया विहार

उत्तर पूर्वी दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सोनिया विहार में लगभग 7 लाख की आबादी रहती है। यह आंकड़ा 2011 की जनगणना के अनुसार है, 10 साल बाद यहां की आबादी 10 लाख के करीब पहुंच चुकी है। आबादी के चलते राजनीतिक दृष्टि से भी सोनिया विहार काफी महत्व है। इतना ही नहीं सोनिया विहार अपने वाटर प्लांट के लिए भी मशहूर है जो लगभग आधी दिल्ली को पानी पिलाता है। इन सब के बावजूद सोनिया विहार में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।

सड़क और नालों में फर्क करना हुआ मुश्किल

सड़क और नालों में फर्क करना हुआ मुश्किल

यहां न तो सीवर की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की, सड़कों और गलियों की हालत ऐसी कि नालों और उनमें फर्क करना मुश्किल हो जाए। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सोनिया विहार में अभी सड़क की क्या हालात है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेता सिर्फ चुनाव के दौरान ही वोट मांगने घर-घर आते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनका एक भी दौरा नहीं होता। लोगों की शिकायत है कि यहां से जीत दर्ज करने वाले सांसद, विधायक और पार्षद सभी बीजेपी से हैं लेकिन लोगों की मुश्किलों की तरफ किसी भी नेता का ध्यान नहीं है।

लोगों का फूटा गुस्सा

लोगों का फूटा गुस्सा

आपको बता दें कि उत्तर-पूर्व दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से मनोज तिवारी सांसद हैं और करावल नगर से बीजेपी के ही मोहन सिंह बिष्ट ने 2020 में विधायकी जीती थी। इसके अलावा सोनिया विहार में बीजेपी की ही सुषमा मिश्रा पार्षद हैं। कई लोगों का यह भी कहना है कि सोनिया विहार के साढ़े चार पुस्ता में सड़कों की ये हालत पहले ऐसी नहीं थी। लेकिन नाली के पानी की निकासी न होने की वजह से सड़कें भी टूटती चली गईं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) का आरोप है कि बीजेपी ने सोनिया विहार को भुला दिया है। पूर्व 'आप' विधायक के कार्यकाल में गली-सड़क और नालियों को पक्का (सिमेंटेड) करवाया गया था, लेकिन 2020 के चुनाव के बाद बीजेपी ने सोनिया विहार की ये हालत कर दी।

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