Delhi के छोटे कारोबारियों को तोहफा, बिना गारंटी 10 करोड़ का लोन, CM रेखा गुप्ता का ऐलान, महिलाओं को खास बूस्ट
Delhi Business MSMEs startups News: दिल्ली के छोटे और सूक्ष्म कारोबारियों के लिए मंगलवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। राजधानी में उद्यमियों को मजबूत करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो आने वाले समय में व्यापार और रोजगार की तस्वीर बदल सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में दिल्ली सरकार और क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्माल एंटरप्राइसेस (CGTMSE) के बीच दिल्ली क्रेडिट गारंटी स्कीम को लेकर अहम समझौता हुआ है। इस योजना के तहत अब छोटे कारोबारियों को बिना किसी गारंटी या संपत्ति गिरवी रखे 10 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकेगा।

बिना गारंटी मिलेगा 10 करोड़ तक का लोन (Collateral Free Loan Scheme)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को छोटे उद्यमियों के लिए "बड़ा बूस्ट" बताया। उन्होंने कहा कि अब बैंक से लोन लेने के लिए जमीन, मकान या किसी अन्य तरह की सिक्योरिटी देने की मजबूरी नहीं रहेगी। नए और पहले से चल रहे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइसेस इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे उन हजारों कारोबारियों को राहत मिलेगी, जो सिर्फ गारंटी न होने की वजह से बैंकिंग सिस्टम से बाहर रह जाते थे।
सरकार और CGTMSE मिलकर उठाएंगे जिम्मेदारी (Loan Guarantee Structure)
योजना की सबसे अहम बात यह है कि लोन की गारंटी सरकार और CGTMSE मिलकर देंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, लोन राशि का 75 से 90 प्रतिशत हिस्सा CGTMSE द्वारा गारंटी के रूप में कवर किया जाएगा।
बाकी का हिस्सा दिल्ली सरकार अपने स्तर पर सुरक्षित करेगी। इस तरह कुल मिलाकर बैंकों द्वारा दिए गए लोन की करीब 95 प्रतिशत राशि सरकारी गारंटी के दायरे में होगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि बैंकों का जोखिम घटकर सिर्फ 5 प्रतिशत रह जाएगा और वे छोटे कारोबारियों को बिना हिचकिचाहट लोन देने के लिए आगे आएंगे।
युवाओं और स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा (Boost to Youth and Startups)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लाखों युवा मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और अन्य क्षेत्रों में कुछ नया शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पूंजी की कमी उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। यह योजना पूंजी तक आसान पहुंच बनाएगी, बैंकों के जोखिम को कम करेगी और दिल्ली के व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाएगी। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
किन सेक्टरों को मिलेगा लाभ (Sectors Covered)
दिल्ली क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, रिटेल, शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और उससे जुड़े संस्थान शामिल किए गए हैं। यानी लगभग हर वह सेक्टर, जहां छोटे कारोबारी और उद्यमी काम करते हैं, इस योजना के दायरे में आएगा। सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये का एक विशेष फंड बनाया है।
50 करोड़ से 2,500 करोड़ तक का लोन संभव (Huge Financial Leverage)
सरकार का दावा है कि इस 50 करोड़ रुपये के फंड के जरिए बैंक करीब 2,500 करोड़ रुपये तक का लोन वितरित कर सकेंगे। इसे 50 गुना लीवरेज मॉडल कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में इस फंड की राशि बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही 10 प्रतिशत तक एनपीए की सीमा तय की गई है, ताकि सरकार पर वित्तीय जोखिम सीमित रहे।
एक लाख लाभार्थियों का शुरुआती लक्ष्य (Target Beneficiaries)
सरकार की शुरुआती योजना एक लाख लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने की है। हालांकि CGTMSE ने साफ किया है कि लाभार्थियों की संख्या को लेकर कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। जो भी दिल्ली का छोटा कारोबारी तय शर्तों को पूरा करेगा, उसे सरकार की गारंटी पर लोन मिल सकेगा।
महिला उद्यमियों को मिलेगा विशेष सहयोग (Special Push for Women Entrepreneurs)
इस योजना में महिला उद्यमियों और पहली बार कारोबार शुरू करने वालों को खास प्राथमिकता दी जाएगी। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पुराने बैंकिंग नियमों और गारंटी की शर्तों के कारण महिलाओं के लिए लोन लेना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। बिना गारंटी 10 करोड़ रुपये तक का लोन महिलाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया इंजन (Strong MSME Ecosystem)
उद्योग मंत्री ने इस पहल को दिल्ली के औद्योगिक भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ कर्ज देने तक सीमित नहीं है, बल्कि एमएसएमई सेक्टर को बड़े निवेश और लंबे समय तक विस्तार के लिए सक्षम बनाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली और CGTMSE का यह सहयोग राजधानी को समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाएगा।












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