'जुलूस शांतिपूर्ण था तभी...', जहांगीरपुरी झड़प पर दिल्ली पुलिस कर्मी का बयान
नई दिल्ली, 17 अप्रैल: हनुमान जयंती पर दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में भड़की हिंसा केस में अब 14 आरोपी अरेस्ट हुए हैं। स्थानीय थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने सांप्रदायिक झड़पों पर दर्ज प्राथमिकी (प्रथम सूचना रिपोर्ट) में कहा है कि, दिल्ली के जहांगीरपुरी में हिंसा 'सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का एक प्रयास' था। वहीं इस हिंसा में 8 पुलिसकर्मियों और 1 नागरिक सहित 9 लोग घायल हो गए और अस्पताल में उनका इलाज किया गया। एक सब-इंस्पेक्टर को गोली भी लगी है, उनकी हालत स्थिर है।

जहांगीरपुरी थाने के इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने कहा, "हनुमान जयंती के मौके पर पथराव कर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिश थी। रंजन ने कहा, "जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था... जब यह सी-ब्लॉक मस्जिद के पास पहुंचा तो एक व्यक्ति चार से पांच अन्य लोगों के साथ जुलूस में शामिल लोगों के साथ बहस करने लगा। बाद में दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। धार्मिक जुलूस की सुरक्षा में तैनात पुलिस ने दोनों गुटों को अलग कर दिया लेकिन, कुछ देर के बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई। हनुमान जयंती के मौके पर पथराव कर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने कहा, धार्मिक जुलूस की सुरक्षा में लगी पुलिस ने दोनों गुटों को अलग कर दिया लेकिन कुछ देर बाद फिर दोनों पक्षों में झड़प हो गई। हनुमान जयंती पर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गई। दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी, सब-इंस्पेक्टर मेदा लाल ने एएनआई को बताया कि झड़प में शामिल दोनों पक्षों द्वारा पथराव किया जा रहा था। लाल हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों में से एक हैं।
उन्होंने बताया कि, "सी-ब्लॉक की तरफ से गोलियां चलाई गईं, जबकि दो समूहों के बीच झड़प के दौरान पथराव भी किया जा रहा था। शनिवार की शाम उस समय हिंसा भड़क उठी जब हनुमान जयंती का जुलूस उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी से गुजर रहा था। दिल्ली पुलिस की उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) उषा रंगनानी ने कहा कि अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनमें से एक पर झड़प के दौरान हथियार से फायरिंग करने का आरोप है। एक पिस्टल बरामद हुई है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि गन डिस्चार्ज की गई है।












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