तमिलनाडु के 'मूक-बधिर' चोरों का पर्दाफाश, जानें कैसे अपने नाटक से देते थे मंसूबों को अंजाम?
Tamil Nadu Deaf Dumb Gang Busted: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मूक-बधिर होने का नाटक कर चोरी करता था। यह गिरोह तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखता है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 16 मोबाइल फोन और छह लैपटॉप बरामद किए हैं।
दिल्ली के साकेत इलाके में लगातार चोरी की घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह गिरोह चोरी के सामान को बेचने के लिए गुरुग्राम और नेहरू प्लेस की ओर जाने वाला है। इस पर पुलिस ने एशियन मार्केट के पास जाल बिछाया और बुधवार को दोपहर 1 बजे बिना हेलमेट पहने मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रोका।

मूक-बधिर होने का नाटक
जब पुलिस ने दस्तावेज दिखाने को कहा, तो दोनों संदिग्धों ने मूक-बधिर होने का नाटक किया और इशारों में जवाब देने लगे। उनके पास एक पत्र भी था जिसमें धर्मार्थ दान की प्रविष्टियां लिखी थीं। हालांकि, जब पुलिस ने उनके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से 16 मोबाइल फोन और छह लैपटॉप बरामद हुए।
चोरी का तरीका और ठिकाने का खुलासा
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने बताया कि वे रात में चोरी करते थे और मोबाइल, लैपटॉप, आईपैड जैसे कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान चुराते थे। पकड़े जाने पर वे विकलांग छात्र बनकर नकली प्रमाण पत्र दिखाते थे और स्कूल के नाम पर दान मांगते थे। चोरी का सामान तमिलनाडु में बेचने के लिए अच्छे दाम मिलते थे।
कौन हैं ये आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय बालन और 28 वर्षीय पी. कार्तिक के रूप में हुई है। दोनों ने कबूल किया कि वे कुछ दिन पहले ही तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से दिल्ली आए थे। पुलिस की तत्परता और गुप्त सूचना पर कार्रवाई से यह गिरोह पकड़ा गया। यह गिरोह मूक-बधिर होने का नाटक करके दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था।
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई यह साबित करती है कि सतर्कता और कुशलता से अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है। इस मामले ने दिखाया कि कैसे अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए नाटक और झूठ का सहारा लेते हैं, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से बच नहीं पाते।












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