Delhi-NCR Pollution: केंद्र ने SC से कहा- 'Work From Home करना मुमकिन नहीं'
नई दिल्ली,17 नवंबर। दिल्ली-एनसीआर के आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में फिर से सुनवाई हो रही है। जहां केंद्र ने हलफनामा दायर कर बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम मुमकिन नहीं है, हालांकि वो कार पूलिंग वाले मसले पर सहमत हैं और इस बारे में उसने अपने कर्मचारियों को पहले ही एडवाइजरी जारी की हुई है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने कोर्ट में 392 पेज का हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि' वो अपने कर्मचारियों को Work From Home कराने के पक्ष में नहीं है, कोरोना के चलते ही पहले ही कामकाज काफी प्रभावित हुआ है, इसलिए WFH मुमकिन नहीं है।'

केंद्र ने शीर्ष अदालत को बताया कि 'केंद्र सरकार के कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या दिल्ली में कुल वाहनों का एक छोटा सा अंश है, हालांकि कार पूलिंग वाले मामले में हम अपने कर्मचारियों को पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं, जिससे कम वाहनों का प्रयोग हो और प्रदूषण कम हो।'
अस्वीकृत ईंधन का उपयोग करने वाले उद्योगों को बंद करें
इसके साथ ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीएक्यूएम द्वारा दिल्ली- एनसीआर राज्यों को जारी निर्देश के बारे में भी अदालत को अवगत कराया, मेहता ने अदालत से कहा कि अस्वीकृत ईंधन का उपयोग करने वाले उद्योगों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए। इसी के साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि CAQM के निर्देश के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले को छोड़कर 21 नवंबर तक दिल्ली में ट्रकों को भी बैन किया गया है।
सभी शिक्षण संस्थाएं ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करें
गौरतलब कि कोर्ट की सुनवाई सुबह 10.30 बजे से हो रही है। सोमवार को कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को प्रदूषण को कंट्रोल करने के सुरक्षित उपाय करने को कहा था। प्रदूषण का बुरा हाल देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार को नए निर्देश जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि सभी शिक्षण संस्थाएं ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करें, 21 नवंबर तक कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी Work From Home करें और सभी निर्माण वाले कामों पर रोक लगाई जाए। आपको बता दें कि दिल्ली की आबो-हवा आज भी जहरीली है। आज भी दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 379 है।












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