'मैं हेडमास्टर नहीं बल्कि लोगों की ईमानदार आवाज हूं', अब LG ने केजरीवाल को लिखा लंबा लेटर
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बीच जुबानी जंग जारी है। अब एलजी ने सीएम को पत्र लिखा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में दिए अपने संबोधन में उपराज्यपाल विनय सक्सेना पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने सक्सेना को हेडमास्टर कहते हुए ये तक पूछ लिया था कि 'LG कौन होते हैं'? इस पर अब उपराज्यपाल का बयान सामने आया है। उन्होंने इसे निचले स्तर का बयान बताया।
दरअसल एलजी ने चार पन्नों का एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने एजुकेशन मॉडल, टीचर्स को फिनलैंड भेजने, विधायकों के राजनिवास मार्च आदि का जिक्र किया। एलजी ने कहा कि 'LG कौन होते हैं' बयान पर जवाब देने की जरूरत नहीं है। मैं हेडमास्टर नहीं हूं, मैं लोगों की ईमानदार आवाज हूं। वहीं सीएम केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल उनसे मिलना नहीं चाहते हैं, इस पर सक्सेना ने कहा कि ये बात गलत है। मैंने उनको मिलने का समय दिया था। वो आते तो हम खाना भी खिलाते, लेकिन वो इस बात पर अड़े थे कि सभी विधायकों के साथ आएंगे। ऐसे में मुलाकात नहीं हो पाई।
मनीष सिसोदिया और सीएम केजरीवाल का आरोप है कि शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजने का प्रस्ताव था, लेकिन एलजी ने उसे खारिज कर दिया। इस पर सक्सेना ने कहा कि ये प्रस्ताव खारिज नहीं हुआ है, बस सरकार को सलाह दी गई कि वो इस प्रस्ताव का मूल्यांकन करें, ताकि इस बात का पता चल सके कि जो पहले ट्रेनिंग मिली थी, उसका स्कूलों पर क्या असर पड़ा है। उन्होंने दिल्ली की शिक्षा का भी मुद्दा भी पत्र में उठाया। उनका मानना है कि वहां पर शिक्षा का स्तर गिर रहा।
प्रदर्शन पर उठाए सवाल
वहीं हाल ही में सीएम केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और विधायकों ने प्रदर्शन किया था। उस पर भी एलजी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे, लेकिन आप प्रदर्शन कर रहे।
केजरीवाल ने भी दिया जवाब
वहीं सीएम केजरीवाल ने इस पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि आज सुबह LG साहब का पत्र मिला। उन्हें मेरा जवाब। सर, हमें अपना काम करने दीजिए, आप दिल्ली की कानून व्यवस्था ठीक कीजिए ताकि कंझावला जैसा दूसरा केस फिर ना हो।












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