दिल्ली बनेगी पतंगबाजी का वर्ल्ड हब!अमित शाह का ऐलान, CM रेखा गुप्ता बोलीं – ‘ये उत्सव जो सबको जोड़ता है’
Delhi Kite Festival: दिल्ली अब सिर्फ सत्ता और सियासत की राजधानी नहीं, बल्कि पतंगबाजी की वैश्विक पहचान बनने की ओर बढ़ रही है। 3rd इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल-2026 के मंच से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऐसा विज़न सामने रखा है, जो आने वाले वर्षों में दिल्ली को देश-दुनिया के प्रमुख पतंग उत्सवों की कतार में खड़ा कर सकता है। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि राजधानी को पतंगोत्सव का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाए।
दिल्ली में पतंगोत्सव को मिलेगा वर्ल्ड लेवल विस्तार
बांसेरा पार्क में आयोजित DDA के सालाना पतंगोत्सव में शामिल हुए अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में इस आयोजन को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अगर सतत प्रयास किए जाएं और जनभागीदारी बढ़ाई जाए, तो यह उत्सव देश ही नहीं बल्कि दुनिया के बड़े पतंग महोत्सवों में अपनी जगह बना सकता है।

गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली सरकार और डीडीए से कहा कि एक समिति गठित की जाए, जो इस उत्सव को लोकप्रिय बनाने, इसके स्वरूप को विस्तार देने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने पर काम करे। उनका साफ संदेश था कि अगला पतंगोत्सव ऐसा हो, जिसकी गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे।
पतंगों का इतिहास और आज का आधुनिक रूप
अमित शाह ने बांसेरा को दिल्ली का एक खास आकर्षण बताया। देश के अलग-अलग हिस्सों के बांस से बना यह स्थल पर्यटकों को खूब लुभा रहा है। पतंगोत्सव में बनाए गए तीन पविलियनों में पतंगों के इतिहास, उनकी सांस्कृतिक भूमिका और युद्धकाल में उनके इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है। प्रदर्शनी में बताया गया कि कैसे अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में भी पतंगों का रणनीतिक महत्व रहा है।
सीएम रेखा गुप्ता का संदेश: 'ये उत्सव सबको जोड़ता है'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3rd इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल को दिल्ली की जीवंत उत्सव संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "दिल्ली त्योहारों की राजधानी है। आज हजारों लोग बांसेरा पार्क में इकट्ठा होकर इस उत्सव का आनंद ले रहे हैं। यह सच में ऐसा आयोजन है, जो हम सबको एक साथ जोड़ता है।"
सीएम ने इसके लिए उपराज्यपाल वी के सक्सेना का आभार जताया और कहा कि तीन साल पहले शुरू हुई इस पहल में अब हजारों दिल्लीवासी भाग ले रहे हैं। उनके मुताबिक, यह उत्सव दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है।
एलजी वी के सक्सेना: और भव्य होगा अगला पतंगोत्सव
उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल और भी भव्य रूप लेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में देश के हर कोने से लोग इसमें हिस्सा लेने आएंगे और यह आयोजन वैश्विक पहचान हासिल करेगा। साथ ही, यह उत्सव रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
18 जनवरी तक चलेगा उत्सव, विदेशी मेहमान भी शामिल
डीडीए की ओर से आयोजित यह पतंगोत्सव 18 जनवरी तक चलेगा। इस बार इसमें कई विदेशी डिप्लोमैट्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं, जिससे इसका वैश्विक स्वरूप और मजबूत हुआ है।
दिल्ली की संस्कृति और उत्सवों की ताकत
अपने संबोधन में अमित शाह ने भारत की उत्सव परंपरा का जिक्र करते हुए कालिदास की पंक्ति "उत्सव-प्रियाः जनाः" को याद किया। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार समाज को जोड़ते हैं और सामूहिक सोच को मजबूत करते हैं। उत्तरायण जैसे पर्व इसी परंपरा का हिस्सा हैं, और पतंगोत्सव उसी भावना को आगे बढ़ाता है।
दिल्ली में पतंगबाजी को लेकर उठाया गया यह कदम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि राजधानी की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा दांव माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि बनने वाली समिति इस सपने को जमीन पर कितनी मजबूती से उतार पाती है।












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