Delhi EV Policy: दिल्ली में पेट्रोल-CNG गाड़ियां खरीदना होगा महंगा, क्या है सरकार की नई प्लानिंग?
Delhi EV Policy: दिल्ली में अगले साल यानि 2026 से पेट्रोल और सीएनजी कारें खरीदना महंगा हो सकता है। दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक नई नीति पर काम कर रही है, जिसके तहत डीजल गाड़ियों की तरह अब पेट्रोल और सीएनजी वाहनों पर भी 'ग्रीन सेस' (पर्यावरण शुल्क) लगाने की तैयारी है।
प्रस्ताव के अनुसार, दिल्ली में नई पेट्रोल और सीएनजी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर 1 से 2 प्रतिशत तक ग्रीन सेस लगाया जा सकता है। वर्तमान में डीजल गाड़ियों पर 1 प्रतिशत सेस लगता है, जिसे बढ़ाकर 2 प्रतिशत किया जा सकता है। इससे शोरूम से गाड़ी बाहर निकालते समय उसकी कुल कीमत (On-road Price) बढ़ जाएगी।

Delhi EV Policy: पुरानी गाड़ियों पर भी नजर
सरकार सिर्फ नई गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि 10 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों पर भी ग्रीन लेवी (Tax) लगाने पर विचार कर रही है। यह शुल्क तब लिया जाएगा जब पुरानी गाड़ियों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) बनवाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस टैक्स से साल भर में करीब 300 करोड़ रुपये जमा होंगे, जिसका इस्तेमाल EV इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
Delhi EV Policy: इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा फायदा
इस कदम का असल मकसद लोगों को पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करना है। एक तरफ जहां पेट्रोल-सीएनजी गाड़ियां महंगी होंगी, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल रही छूट जैसे- रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% माफी और बैटरी क्षमता पर मिलने वाली सब्सिडी- को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
Delhi EV Policy: कब तक लागू होगी नई पॉलिसी?
दिल्ली सरकार की यह नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति अगले महीने (जनवरी) तक ड्राफ्ट के रूप में सामने आ सकती है और मार्च तक इसे अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। हालांकि, इस पर आखिरी फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा।
जानकारों का मानना है कि 1-2 प्रतिशत टैक्स बढ़ने से गाड़ियों की बिक्री पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की शुरुआती कीमत अब भी काफी ज्यादा है। फिर भी, सरकार का यह कदम प्रदूषण कम करने और दिल्ली को 'इलेक्ट्रिक व्हीकल कैपिटल' बनाने की दिशा में एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications