Delhi Election: क्या नोएडा-गुरुग्राम के कर्मचारियों को दिल्ली चुनाव के दिन मिलेगी छुट्टी? जानिए क्या हैं नियम
Delhi Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को 70 विधानसभा सीटों पर होगा। इस दिन मतदान में सुविधा के लिए दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों, स्थानीय निकायों, स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अवकाश घोषित किया है।
इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्रों में भी छुट्टी रहेगी और बाजार बंद रहेंगे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या नोएडा और गुरुग्राम में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मतदान के लिए छुट्टी मिलेगी? आइए नियमों को समझते हैं...

क्या नोएडा-गुरुग्राम में काम करने वालों को मिलेगी छुट्टी?
दिल्ली के निवासियों के लिए 5 फरवरी को मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति दिल्ली का पंजीकृत मतदाता है और नोएडा या गुरुग्राम में काम करता है, तो उसे छुट्टी मिलेगी या नहीं?
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जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (धारा 135-बी) के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी दिल्ली में पंजीकृत मतदाता है लेकिन नोएडा या गुरुग्राम में नौकरी करता है, तो वह अपने नियोक्ता से मतदान के लिए छुट्टी मांग सकता है।
छुट्टी की जगह इन ऑप्शन पर भी दे सकते हैं ध्यान
अगर आप दिल्ली के मतदाता हैं लेकिन नोएडा या गुरुग्राम में काम करते हैं, तो आपके पास ये विकल्प हैं:
पूरे दिन की छुट्टी: आप 5 फरवरी को मतदान के लिए पूरे दिन की छुट्टी मांग सकते हैं।
आधे दिन की छुट्टी: अगर पूरे दिन की छुट्टी संभव नहीं है तो आधे दिन की छुट्टी का अनुरोध कर सकते हैं।
लचीले काम के घंटे: अगर छुट्टी नहीं मिल रही, तो आप अपने कार्यस्थल पर फ्लेक्सिबल टाइमिंग की मांग कर सकते हैं, जिससे मतदान का समय मिल सके।
अगर कंपनी आपको छुट्टी देने से इनकार करती है, तो यह चुनाव कानूनों का उल्लंघन होगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-बी के तहत कंपनियों को मतदान के दिन पंजीकृत मतदाताओं को सवेतन अवकाश देना अनिवार्य है।
अगर कंपनी छुट्टी न दे तो क्या करें?
अगर आपका नियोक्ता छुट्टी देने से मना करता है, तो आप:
HR को लिखित शिकायत दें कि कंपनी चुनावी कानूनों का उल्लंघन कर रही है।
चुनाव आयोग और श्रम विभाग को शिकायत दर्ज करें, ताकि उचित कार्रवाई हो सके।
कानूनी कार्रवाई हो सकती है
अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती, तो उसके खिलाफ चुनाव कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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