Delhi Dwarka Girl Torture Case: आरोपी महिला पायलट 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, इंडिगो ने भी निकाला
Delhi Dwarka Torture Case: दिल्ली के द्वारका में 10 साल की मासूम का शारीरिक शोषण करने का मामला सामने आया है। मामले की आरोपी महिला पायलट न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, पति को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के द्वारका में बुधवार को भीड़ ने एक महिला पायलट और उसके पति(एयरलाइन का ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी) की जमकर पिटाई की। बाल घसीट-घसीटकर महिला पायलट को बीच सडक मारा। महिला पायलट और उसके पति पर हरियाणा के गुरुग्राम में 10 साल की बच्ची को अपने घर में काम पर रखा था। इतना ही नहीं, बच्ची को टॉर्चर भी किया। शारीरिक शोषण किया गया।
मामले में दिल्ली पुलिस ने पीड़ित बच्ची कर मेडिकल परीक्षण कराया। जिसमें बच्ची के शरीर पर चोट और जलने के कई निशान मिले हैं। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आईपीसी की धारा 323,324,342 और बाल श्रम अधिनियम, 75 जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आरोपी महिला पायलट को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उधर, इंडिगो ने कहा कि एयरलाइन कर्मचारी के आरोपों की जांच की जा रही है। फिलहाल, कर्मचारी को आधिकारिक कर्तव्यों से हटा दिया गया है। कौन है ये जालिम कपल?

दरअसल, दिल्ली के द्वारका निवासी महिला पायलट पूर्णिमा बागची (33) और उनके पति कौशिक बागची (36) को स्थानीय लोगों ने बीच सड़क पीटा। कभी बाल नोचे तो कभी हाथ मरोड़ कर घूंसे-थप्पड़ बरसाए गए। पति-पत्नी हाथ जोड़कर अपनी जान की भीख मांगते रहे। मासूम बच्ची पर किए गए इन कपल्स की खबर लगते ही स्थानीय लोग आगबबूला हो उठे। गुस्से में दोनों की पिटाई की।
महिला आयोग ने की निंदा
इस बीच, दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने घटना की निंदा की है। कहा कि एक नाबालिग लड़की को घरेलू नौकर के रूप में रखने और उसे बेरहमी से प्रताड़ित करने वाले ऐसे "निर्दयी लोगों" के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
दिल्ली में एक महिला पायलट और उसके पति ने 10 साल की बच्ची को घरेलू सहायिका के रूप में रखा और उसके साथ क्रूरतापूर्वक अत्याचार किया। इस मामले में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा गया है। साथ ही ऐसे निर्दयी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।












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