Cyber Thugi: दिल्ली की लेडी डॉक्टर से ₹4.47 करोड़ रुपये, खोले गए 23 बैंक खाते, जानिए कैसे

साइबर सिक्योरिटी की तमाम तकनीकी के बावजूद ठगी को अंजाम देने के लिए जालसाज नित नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही एक महिला डॉक्टर से 4 लाख 47 हजार की ठगी का मामला सामने आया।

Cyber Thugi

Cyber Thugi: साइबर सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम के बावजूद जालसाज सक्रिय हैं। दिल्ली की एक महिला चिकित्सक को ठगों ने अपने झांसे में लेकर ठगी की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया। इसके लिए एक साइबर ठग महिला ने बड़ी ही शातिर योजना बनाई, जिससे लेडी डॉक्टर को शक तक नहीं हुआ और जब सच का पता चला तो बात हाथ से निकल चुकी थी। हकीकत जानते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।

दिल्ली पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है। जिसमें पीडिता 34 वर्षीय महिला एक महिला डॉक्टर है। उसने साइबर ठगों के खिलाफ 4.47 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप लगाए हैं। लेडी डॉक्टर के साथ ठगी के लिए उन्होंने एक फर्जी योजना तैयार की। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि ठगों ने जब उससे बाद की तो अपना परिचय अंधेरी पुलिस स्टेशन के आरबीआई अधिकारी, मुंबई पुलिस के एक डीसीपी, सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी और नारकोटिक्स डिवीजन के पुलिस अधिकारी के रूप में दिया।

द टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जालसाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और मामले में तकनीकी जांच शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, ठगों ने दिल्ली की महिला डॉक्टर से कहा कि उसके द्वारा FedEx कोरियर सर्विस के जरिए बड़ी मात्रा में ड्रग्स भेजा जा रहा है, जिसका नाम MDMA है। ठगों की इस एक फोन कॉल ने डॉक्टर को बेचैन कर दिया।

पीड़िता ने टीओआई को बताया कि कॉल करने वाले ने दावा किया कि पार्सल में उसका पासपोर्ट, दो जोड़ी जूते, बैंकिंग दस्तावेज, कपड़े और 140 ग्राम एमडीएमए है। हालांकि, उसने इस कूरियर के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया। काल के दौरान जालसाजों ने महिला को बताया कि उसका FedEx पैकेज जब्त कर लिया गया है, और फिर उसे इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए 1 डायल करने के लिए कहा गया।

जब महिला डॉक्टर ने इन आरोपों को गलत बताया तो उसको इसके खिलाफ मुंबई अंधेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। इसके लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज का सुझाव दिया गया। आगे के सुझाव के लिए उसे स्काइप एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया था। बाद में जालसाजी कर ठगों ने महिला से उसका आधारकार्ड और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल की। जिसके बाद इसके माध्यम से महिला के नाम से मुंबई में 23 बैंक खाते खोले गए। बाद में ठगों ने महिला के खातों का बैंक डिटेल मांगा। पीड़िता साइबर ठगों के जाल में फंस चुकी थी।

साइबर ठगों ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी से जुड़े आरोपों का वेरिफिकेशन तभी होगा जब ओ अपना एफडी तोड़कर अपने बचत खाते में जमा करेगी। अगर उसके लेनदेन का रिकॉर्ड और जमा राशि का विवरण सही होगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। महिला ने ऐसा ही किया और एफडी की पूरी रकम बचत खाते में जमा कर दी। महिला ने आरोप लगाया है कि उससे एक आरटीजीएस का फार्म भी भरवाया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+