Delhi Chunav 2025: AAP या BJP किसको जिताएंगे दिल्ली के पूर्वांचली वोटर्स? जानें किन सीटों पर है इनका दबदबा
Delhi Chunav 2025:दिल्ली की कड़कड़ाती ठंड में सियासी पारा गरमाया हुआ है। दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान होने के बाद आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। तीनों ही पार्टियां एक-दूसरे को घेरने का एक भी मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहती हैं।
आप सुप्रीमों अरविंद केजरीवाल के यूपी-बिहार के लोगों पर दिए गए बयान के बाद दिल्ली में घमासान मच गया है और भाजपा ने इस मुद्दें पर AAP को जमकर घेरना शुरू कर दिया है। वहीं केजरीवाल के बयान के बाद दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल के वोटर्स एक बार फिर चर्चा में आ चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस बार के चुनाव में दिल्ली में रह रहे ये पूर्वांचल के लोग भाजपा या आम आदमी पार्टी किसको वोट करेंगे?

दिल्ली में पूर्वांचल वोटर्स की कुल संख्या
बता दें दिल्ली में बड़ी संख्या में पूर्वांचल के लोग रहते हैं, दिल्ली की कई विधानसभा सीटों पर ये निर्णायक भूमिका निभाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली में कुल डेढ़ करोड़ वोटर्स हैं जिसमें 24 फीसदी वोटर्स पूर्वांचल से हैं। यानी लगभग 40 लाख वोटर्स पूर्वांचल के है जो दिल्ली की कई विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की जीत हार का फैसला करते हैं।
दिल्ली की किन सीटों पर हैं पूर्वांचल के वोटर्स का दबदबा?
दिल्ली में लगभग 35 विधान सभा सीटें हैं जहां पर पूर्वांचल के वोटर्स का दबदबा है। जिनके वोट दिल्ली की सरकार तय करते हैं। दिल्ली की करावल नगर, मॉडल टाउन, बुराड़ी पटपड़गंज, उत्तम नगर, बदरपुर, लक्ष्मी नगर, राजेन्द्र नगर, देवली, पालम, द्वारका, विकासपुरी क्षेत्र के लगभग 50 प्रतिशत मतदाता ऐसे मतदाता हैं जिनका ताल्लुक यूपी, बिहार, झारखंड से है।
पिछले चुनावों में पूर्वांचल के वोटर्स ने किसका दिया था साथ?
दिल्ली में 2015 और 2020 में हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो जिन सीटों पर पूर्वांचल वोटर्स की संख्या अधिक हैं उन सीटों पर आम आदमी पार्टी की जीत हुई थी लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा इस सीटों पर कब्जा जमाना चाहती है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में रह रहे यूपी बिहार के वोटर्स को साधने के लिए भाजपा एनडीए में अपने सहयोगी दलों का सहयोग ले सकती है।
पूर्वांचल के वोटर्स को लेकर भाजपा-आप आमने-सामने
पूर्वांचल वोटर्स का दिल्ली में बड़ा वोट बैंक होने के कारण आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों ही वोटर्स की हितैशी बनकर लगातार एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए हमले कर रही है। अरविंद केजरीवाल ने आज जब चुनाव आयोग को लिखे पत्र में वोटर लिस्ट में बड़ा फ्रॉड होने की शिकायत करते हुए कहा कि "13 हजार नए वोटर कार्ड बनने के लिए आवेदन किए गए, 15 दिन में लोग कहां से आए? जाहिर तौर पर यूपी और बिहार से ला लाकर फर्जी वोट बनवा रहे हैं।"
जिस पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घेर लिया और कहा "केजरीवाल को हार का डर सता रहा है इसलिए वो यूपी बिहार के लोगों को लेकर बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं।"
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा अध्यक्ष पर लगाया था ये बड़ा आरोप
वहीं इससे पहले आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पर आरोप लगाया था कि वो पूर्वांचलियों की तुलना रोहिंग्याओं और घुसपैठियों से कर रहे हैं। उन्होंने कहा यूपी, बिहार के लोग पढ़ाई और नौकरी के लिए आते हैं, उनका दिल्ली के विकास में बड़ा योगदान है। जिस पर भाजपा ने जवाब दिया आम आदमी पार्टी पूर्वांचलियों में भ्रम फैला रही है।
लोकसभा चुनाव में मिली जीत से बढ़ा भाजपा का आत्मबल
गौरतलब है कि छह महीने पहले जून 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दिल्ली की सात की सातों सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी का पूरी तरह से पत्ता साफ हो गया था। भाजपा इस ऐतिहासिक जीत के बाद उत्साहित है। 26 साल से दिल्ली की सत्ता से दूर भाजपा इस बार हर हाल में दिल्ली फतेह करना चाहती है।
पिछले 10वर्षों से दिल्ली पर आपदा बनकर भ्रष्टाचार का पहाड़ खड़ाकर लूट मचा रहे अरविंद केजरीवाल को अपनी हार का डर सताने लगा तो बौखलाकर उत्तर प्रदेश और बिहार के हमारे भाई – बहनों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने पर उतारू हो गये।
केजरीवाल ने यूपी – बिहार के हमारे लोगों को फ़र्ज़ी वोटर… pic.twitter.com/KqdRICa7Ct
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) January 9, 2025












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