Delhi Chunav 2025: अपनी घोषणाओं को लेकर बैकफुट पर क्यों है AAP? 5 वजह और संकेत!
Delhi Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारी में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) अपने विरोधी दलों के मुकाबले अबतक काफी आगे है। पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अभी फुलटाइम पॉलिटिक्स में उतरे हुए हैं। सरकार की जिम्मेदारी उन्होंने मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के कंधों पर छोड़ रखी है।
लेकिन, पार्टी को जिस तरह से दो लोक-लुभावन वादों की वजह से विवादों में उलझना पड़ा और कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा है, पार्टी कहीं न कहीं बैकफुट पर नजर आ रही है और काफी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है।

Delhi Chunav 2025: पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना में दिखा यू-टर्न!
केजरीवाल ने दिल्ली में अगली बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर दिल्ली में मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को हर महीने 18,000 रुपए देने का वादा किया है।
पार्टी साफ तौर पर इसके लिए जो रजिस्ट्रेशन कर रही है, उसमें इसे आम आदमी पार्टी का वादा बताया जा रहा है। इससे दिल्ली सरकार से पूरी तरह से दूर रखा गया है। अगर मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना की घोषणा से तुलना करें तो यह पूरी तरह से पार्टी का यू-टर्न है। क्योंकि, उन योजनाओं को तब आप एक तरह से दिल्ली सरकार की योजना की तरह पेश करने की कोशिश करती नजर आ रही थी।
Delhi Chunav 2025: 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना'से दिल्ली सरकार ने पहले ही झाड़ा पल्ला
इस बार 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना'को लेकर सरकार पहले से ही सतर्क है और कहा है कि इसका सरकारी दस्तावेजों में कोई भी प्रस्ताव नहीं है। अफसर कह रहे हैं,राजनीतिक दल चुनावी वादा कर सकते हैं, जिससे सरकार कोई लेना-देना नहीं है।
Delhi Chunav 2025: छोटे-छोटे विवादों में उलझने से परहेज के संकेत
आम आदमी पार्टी दिल्ली चुनावों की रेस में कम से कम शुरुआती रणनीति में काफी आगे चल रही है। ऐसे में पार्टी साफ संकेत दे रही है कि वह अब इस तरह के विवादों में उलझने से परहेज करेगी। मतलब साफ है कि आगे पार्टी जो भी चुनावी वादा करेगी, वह आम आदमी पार्टी का वादा होगा और उसे अपनी सरकार की योजना दिखाने जैसी गलती नहीं करेगी।
Delhi Chunav 2025: भाजपा और कांग्रेस के अटैक से बचने के लिए पीछे हटने की रणनीति!
महिला सम्मान योजना और बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना को जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने अपनी दिल्ली सरकार की योजना की तरह पेश करने की कोशिश की थी, उसे बीजेपी और कांग्रेस ने आसान मु्द्दा बना लिया है। जैसे महिला सम्मान योजना दिल्ली सरकार के कैबिनेट में 1,000 रुपए ही प्रस्तावित था, लेकिन आप ने उसकी जगह 2,100 रुपए की घोषणा कर दी और विवाद होने के बाद उसके लिए सफाई देना मुश्किल हो गया।
Delhi Chunav 2025: दोनों योजनाओं के खिलाफ विभागों की एडवाइजरी
आम आदमी पार्टी की सबसे ज्यादा फजीहत इस वजह से हो गई कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग और संजीवनी योजना के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने बाकायदा अखबारों में सरकारी विज्ञापन देकर उन्हें पूरी तरह से गलत बता दिया। विभागों ने नागरिकों के लिए यहां तक एडवाइजरी जारी की कि ऐसी कोई भी योजना सरकार के पास नहीं है और वह इसके जरिए होने वाले संभावित धोखाधड़ी से बचकर रहें।
Delhi Chunav 2025: कानूनी विवादों में उलझने का डर
महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना में रजिस्ट्रेशन के नाम पर जिस तरह से आम आदमी पार्टी की ओर से कैंप लगाकर नागरिकों की जानकारियां जुटाई जाने लगीं, उसके खिलाफ राजनीतिक दलों से शिकायतों मिलने पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जांच शुरू करवा दी।
आरोप लगाए गए कि 'गैर-सरकारी' लोगों के माध्यम से जनता की निजी जानकारियां जुटाई जा रही हैं, जो कि अपराध है। इसमें प्रशासनिक और पुलिस दोनों तरह की जांच के निर्देश दे दिए गए। इस वजह से आम आदमी पार्टी ने आगे किसी तरह से कानूनी लफड़े में पड़ने से बचने के लिए अब से सावधान रहने का फैसला किया है।
दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटों के लिए फरवरी में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव तारीखों का एलान 6 जनवरी, 2025 को मतदाताओं की फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद चुनाव आयोग किसी भी दिन कर सकता है। 2020 में आम आदमी पार्टी को इन 70 सीटों में से 62 पर जीत मिली थी और मुख्य विपक्षी बीजेपी मात्र 8 सीटें ही जीत सकी थी। कांग्रेस का पिछले दो चुनावों से खाता भी नहीं खुल रहा है।












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