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Delhi Blast: संदिग्ध शाहीन और मुजम्मिल का चल रहा था अफेयर, इश्कबाजी के बीच रची थी खौफनाक साजिश!

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ चल रही है। इस दौरान संदिग्धों के बारे में कई हैरान करने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि कश्मीर निवासी मौलवी इरफ़ान अहमद ने मुख्य आरोपियों को कट्टरपंथ की राह पर धकेला था। मौलाना के संपर्क में आने के बाद आरोपियों ने आतंक का नेटवर्क तैयार किया। जांच में पता चला है कि दो संदिग्ध डॉक्टर शाहीन और मुजम्मिल का आपस में अफेयर भी चल रहा था।

इसके साथ अल फहाद यूनिवर्सिटी को लेकर भी जांच तेज हो गई है और एनआईए यूनिवर्सिटी के सभी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। जांच टीम ने बताया कि शाहीन और मुजम्मिल के बीच घंटों बातचीत होती थी। अपने आशिक की नौकरी लगाने के लिए शाहीन ने ही सिफारिश की थी।

Delhi Blast

Shaheen और Muzammil के बीच था रोमांटिक रिश्ता

जांच एजेंसियां दोनों के मोबाइल, लैपटॉप समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की गहनता से जांच कर रही है। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि रोमांटिक रिश्ते में रहने के दौरान ही दोनों ब्लास्ट की खौफनाक साजिश में शामिल हुए थे। यूनिवर्सिटी के स्टाफ और छात्रों का भी रिकॉर्ड एनआईए खंगाल रही है। पिछले पांच सालों में अल फहाद यूनिवर्सिटी में कार्यरत रहे सभी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। इन नंबरों की डिटेल निकालकर पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों का संपर्क जम्मू-कश्मीर से रहा है। एजेंसियों को शक है कि डॉक्टर मुजम्मिल शकील, डॉक्टर शाहीन शाहिद और डॉक्टर उमर नबी यूनिवर्सिटी परिसर से ही स्लीपर मॉड्यूल खड़ा कर रहे थे।

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Delhi Blast को अंजाम देने के लिए कैंपस में ही रची गई साजिश

गांव सिरोही स्थित मस्जिद के मौलवी इमामुद्दीन से भी दोबारा दिल्ली में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यूनिवर्सिटी में सबसे पहले डॉक्टर शाहीन शाहिद की नियुक्ति हुई थी, जो मेडिसिन विभाग की एचओडी थी। उसके बाद पुलवामा निवासी डॉक्टर मुजम्मिल शकीन को करीब तीन साल पहले जनरल फिजिशियन के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद डॉक्टर उमर नबी भी विश्वविद्यालय से जुड़ गया।एजेंसियों को आशंका है कि इन तीनों ने मिलकर कैंपस में ही अपना नेटवर्क मजबूत किया और कई लोगों को स्लीपर मॉड्यूल के रूप में इस्तेमाल किया।

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