दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, पुलिसवालों का कंस्ट्रक्शन वर्क में दखल किया खत्म, नहीं लेनी पड़ेगी परमीशन
Delhi News: नई दिल्ली की भाजपा सरकार ने शनिवार को एक अहम सर्कुलर जारी किया है। इस आदेश के तहत दिल्ली में निर्माण कार्य में पुलिस वाले दखलअंदाजी नहीं कर सकेंगे। अब राजधानी में भवन निर्माण संबंधी मामलों में दिल्ली पुलिस की परमीशन की जरूरत नहीं होगी।
शनिवार को दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार द्वारा जारी इस सर्कुलर में कहा गया गया कि पुलिस विभाग अपने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की ये गलतफहमी दूर कर दें कि दिल्ली में किसी भी भवन निर्माण के लिए पुलिस की अनुमति की जरूरत होती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई अहम बैठक के बाद ये सर्कुलर जारी किया है। जिसमें कहा गया कि भवन निर्माण गतिविधि को एमसीडी और अन्य स्थानीय निकायों द्वारा उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र में विनियमित किया जाता है। निर्माण मामलों के लिए दिल्ली पुलिस की अनुमति की आवश्यकता नहीं है
आदेश में कहा गया कि भवन निर्माण गतिविधियां एमसीडी और अन्य स्थानीय निकायों द्वारा शासित होती हैं। इसने डीएमसी अधिनियम, 1957 की धाराओं पर प्रकाश डाला, जो लेआउट योजनाओं, भवन योजना मंजूरी और अधिभोग प्रमाणपत्रों की प्रक्रियाओं की रूपरेखा तैयार करते हैं।
भवन निर्माण के लिए पुलिस की अनुमति की जरूरत नहीं होती है
डीएमसी अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए सर्कुलर में कहा गया है कि "एक गलत धारणा है" कि किसी व्यक्ति को इमारत के निर्माण के लिए पुलिस से अनुमति लेने की आवश्यकता होती है और कभी-कभी "किराया मांगने के उद्देश्य से" प्रावधानों का दुरुपयोग होता है। भवन निर्माण के संबंध में हो रही गड़बडी पर कार्रवाई करने का अधिकार केवल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी है और उसमें पुलिस की भूमिका ना के बराबर है।
अवैध अप्रावासियों को दिल्ली में आने से रोका जाएगा
इसके अलावा शाह की बैठक में अवैध आप्रवासन और नशीली दवाओं के मुद्दों पर बात करते हुए अमित शाह ने बांग्लादेश से अवैध आप्रवासियों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने पर जोर दिया। उन्होंने उनके प्रवेश और ठहरने की सुविधा देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।












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