उन्नाव रेप केस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, इस दिन सुनाएगा फैसला

दिल्ली। बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ उन्नाव रेप केस मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। दिल्ली की कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अपना फैसला 16 दिसंबर को सुनाएगी। बता दें कि कोर्ट ने इस मामले में 9 अगस्त को विधायक के खिलाफ आइपीसी की धारा 120बी, 363, 366, 109, 376(आई) और पॉस्को एक्ट 3 और 4 के तहत आरोप तय किए थे।

Recommended Video

    Unnao case: Kuldeep Sengar पर Court का फैसला सुरक्षित,16 दिसंबर को आ सकता है Verdict |वनइंडिया हिंदी
    कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ रेप के आरोप तय

    कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ रेप के आरोप तय

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। कार एक्सीडेंट में घायल पीड़िता को भी इलाज के लिए एम्स लाया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। गौरतलब है कि उन्नाव गैंगरपे की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने अदालत को सुनवाई के दौरान बताया था कि पीड़िता के यूपी के मुख्यमंत्री को जानकारी देने के बावजूद 12 जनवरी 2018 तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ। पीड़िता की मां के कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद इस मामले में कार्रवाई हुई। सीबीआई के मुताबिक 3 अप्रैल 2018 को उन्नाव की कोर्ट में पीड़िता का पिता अपना बयान दर्ज कराने को पेश हुआ, लेकिन पुलिस ने इस मामले में आरोपों को बेबुनियाद बताया और उसी दिन पीड़िता के पिता को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया।

    सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि पीड़िता के परिवार वालों के रहने की उचित व्यवस्था एम्स के आस-पास की जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से गवाहों की सुरक्षा पर सील बंद रिपोर्ट मांगी थी। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने गवाहों के मामले में उत्तर प्रदेश के डीजीपी को भी निर्देश जारी किए थे। इसके साथ ही पीड़ित के वकीलों को केस से जुड़े तमाम दस्तावेज मुहैया करवाने के आदेश भी दिए थे। सीबीआई ने सुनावाई के दौरान कोर्ट को बताया था कि शशि सिंह पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने कुलदीप सिंह सेंगर के घर ले गया।

    क्या है पूरा मामला?

    क्या है पूरा मामला?

    गौरतलब है कि उन्नाव में माखी पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उन्नाव के बांगरमऊ से चार विधायक के बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर ने साल 2017 में अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया था। इसके बाद उसके पिता को पुलिस पकड़ ले गई जहां हिरासत के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के पहले कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सेंगर और उनके लोगों ने पुलिस हिरासत में ही पिता की पिटाई की थी। पीड़िता ने जब योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर कथित रूप से आत्मदाह का प्रयास किया था। तब ये मामला सामने आया था। कुलदीप सिंह सेंगर एक साल से जेल में है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+