दिल्ली: मुआवजे के लिए भटक रहा डॉक्टर का परिवार, कोरोना से हुई थी मौत
नई दिल्ली, 12 नवंबर: कोरोना वायरस की वजह से हुई डॉक्टर की मौत के महीनों बाद उनका परिवार मुआवजे का इंतजार कर रहा है। मृतक डॉक्टर के परिवार का दावा है कि दिल्ली सरकारी की ओर से अभी तक लगभग 1.6 करोड़ रुपए का मुआवजा नहीं दिया गया है। मृतक डॉक्टर अमित गुप्ता (39) दिल्ली के सरकारी अस्पताल से जुड़े थे। उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि इस साल 9 जुलाई को 83,43,819 रुपए के बिल को मंजूरी दी गई थी। लेकिन 15 जुलाई को जमा किया गया 72,29,619 रुपए का बिल और 28 अगस्त को जमा किया गया 95,12,982 रुपए का बिल अभी भी लंबित है।

जानकारी के मुताबिक डॉ. गुप्ता इसी साल अप्रैल में कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए इस वायरस से संक्रमित हो गए थे। लंबी लड़ाई के बाद 14 अगस्त को उनकी मौत हो गई। कोरोना वायरस के कारण उनके फेफड़े बुरी तरह संक्रमित हो गए थे, जिससे वे उभर नहीं पाए थे। हैदराबाद के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
परिवार के सदस्य ने बताया, 'दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने परिवार से वादा किया था कि सरकार इलाज के लिए सभी खर्चों की प्रतिपूर्ति करेगी। हालांकि अब हम मुआवजे के लिए दौड़-धूप के बीच में ही रह गए हैं। हमें अस्पताल के बिलों का भुगतान करने के लिए पैसे उधार लेने पड़े। उन्हें 23 मई को ईसीएमओ सहायता उपचार के लिए हैदराबाद ले जाया गया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप पर सरकार ने 83.43 लाख रुपए की राशि की प्रतिपूर्ति की थी। हम बूढ़े हो गए हैं और फॉलो-अप के लिए सरकारी कार्यालयों के आसपास भागना मुश्किल है।
वहीं अपनी पीड़ा बताते हुए परिवार के लोगों ने कहा कि अब जिनसे पैसा उधार लिया था, उन्होंने भी पैसा वापस मांगना शुरू कर दिया है। दिल्ली सरकार से मदद मिलने की हमारी उम्मीद धूमिल होती जा रही है। सरकार ने पहले डॉ. गुप्ता के इलाज का खर्च वहन करने का आश्वासन दिया था। परिवार उनके पिता की पेंशन पर गुजारा कर रहा है। हम सरकारी मदद के बिना वित्तीय संकट से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।












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