अरविंद केजरीवाल की रणनीति ने ढहा दिया भाजपा का एक और मजबूत किला
भ्रष्टाचार और टिकट बेचने के आरोपों के बावजूद अगर आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है तो इसका श्रेय अरविंद केजरीवाल को ही जाता है, जो लगातार पार्टी के लिए रणनीति बनाने में जुटे रहे।

पिछले 15 साल से दिल्ली के तीनों निगमों में सरकार चला रही भाजपा को हराना आसान नहीं था। लेकिन, ये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रणनीति ही थी, जिसने भाजपा के इस मजबूत किले को भी ढहा दिया। दिल्ली एमसीडी चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के कथित मामलों को लेकर अरविंद केजरीवाल को घेरने की हर संभव कोशिश की, यहां तक कि आम आदमी पार्टी पर पार्षद के टिकट बेचने के भी आरोप लगे। लेकिन, 7 दिसंबर को जब दिल्ली एमसीडी चुनाव के नतीजे आए तो तस्वीर बदल चुकी थी और आम आदमी पार्टी की इस जीत में एक बार फिर अरविंद केजरीवाल 'नायक' बनकर उभरे।
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से जहां सत्येंद्र जैन को लेकर पहले से ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमले किए जा रहे थे, वहीं मनीष सिसोदिया को लेकर भी भगवा खेमा लगातार उन्हें घेर रहा था। हालांकि अरविंद केजरीवाल की रणनीति के सामने भाजपा का ये दांव उसके लिए ही सेल्फ गोल बन गया। दरअसल अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा से लेकर सड़क तक इस बात को पूरी मजबूती से कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर राज्य सरकारों को गिराने की साजिश में जुटी है। महाराष्ट्र का उदाहरण सामने रख अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर कहा कि भाजपा दिल्ली में भी एकनाथ शिंद प्रकरण को दोहराना चाहती है और केजरीवाल की ये रणनीति काम कर गई।
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की योजनाओं को खुलकर सामने रखा और कहा कि अगर निगम में भी उनकी सरकार बनती है तो फिर राजधानी की सूरत कुछ और होगी। व्यापारियों की सभा में अरविंद केजरीवाल ने वादा किया कि आम आदमी पार्टी की जीत के बाद दिल्ली के बाजार लंदन और पेरिस की तर्ज पर बनाए जाएंगे। चूंकि, दिल्ली सरकार की योजनाओं का फायदा सीधे तौर पर पहले से ही लोगों को मिल रहा था, इसलिए केजरीवाल के वादों ने लोगों का भरोसा जीता और एमसीडी चुनाव के नतीजे उनके पक्ष में गए।
भारतीय जनता पार्टी ना ही विधानसभा चुनाव में कोई मजबूत चेहरा अरविंद केजरीवाल के सामने ला पाई थी, और ना ही अब एमसीडी चुनाव में। भाजपा को भी ये एहसास था कि अरविंद केजरीवाल की जो इमेज दिल्ली की जनता की नजरों में है, उसे तोड़ना आसान नहीं। ऐसे में अरविंद केजरीवाल खुलकर मैदान में उतरे। मुद्दा चाहे दिल्ली में कूड़े के पहाड़ का हो या फिर एमसीडी में कथित भ्रष्टाचार का, अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को सीधी चुनौती देकर अपनी सरकार के कामकाम को आगे रखा। अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता को ये मैसेज देने में कामयाब रहे कि अगर एमसीडी में उन्हें बहुमत मिला, तो सरकार की योजनाएं और बेहतर ढंग से लागू होंगी।












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