जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा और MSP के लिए दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव आज
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार आज विधानसभा में एक प्रस्ताव लाएगी, जिसमें किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले '700 से अधिक किसानों' के परिवारों को मुआवजा, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की गिरफ्तारी और एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग शामिल हैं। केजरीवाल का भाजपा सरकार को निशाने पर लेने का यह बहुत बड़ा कदम माना जा रह है। उनका यह कदम किसानों के बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन से एक दिन पहले आया है, जिसे किसानों ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के लिए "ऐतिहासिक संघर्ष" बताया था।

किसान संगठनों ने 2020 में आज ही के दिन किसानों का आंदोलन का आवाह्न किया था। यह आंदोलन पिछले साल 26-27 नवंबर को 'दिल्ली चलो' के आह्वान के साथ शुरू हुआ था, जिसमें न केवल तीन कृषि कानूनों का विरोध किया गया, बल्कि कई अन्य मांगों को भी रखा। बाद में पंजाब और हरियाणा के अलावा अन्य राज्यों के किसान-प्रदर्शनकारी शामिल होते चले गए। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े 40 किसान संगठनों के बैनर तले हजारों किसान दिल्ली की कई सीमाओं पर जुटे।
अब एक साल पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी एक विज्ञप्ति में कहा, "सच्चाई यह है कि भारत की सरकार की असंवेदनशीलता दूर करने और अहंकार खत्म करने के लिए हमें इतना लंबा संघर्ष छेड़ना पड़ा। किसानों के परिश्रम और बलिदान को कभी भुला नहीं सकते।' इसके साथ ही एसकेएम ने आंदोलन के सभी प्रतिभागियों और समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया और एक बार फिर दोहराया कि तीन किसान विरोधी कानूनों को निरस्त करना आंदोलन की पहली बड़ी जीत है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले शुक्रवार को तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद, कैबिनेट ने बुधवार को इसे निरस्त करने की मंजूरी दे दी और यह भी कहा कि संसद में औपचारिकता जल्द से जल्द की जाएगी। हालांकि, 'किसान आंदोलन' की अभी भी लंबित मांगों में सभी कृषि उपज पर एमएसपी का कानूनी अधिकार, बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेना, किसानों को दिल्ली की वायु गुणवत्ता से संबंधित कानूनी विनियमन के दंडात्मक प्रावधानों से बाहर रखना, विरोध करने वाले हजारों किसानों के खिलाफ मामले वापस लेना शामिल है। और, लखीमपुर खीरी कांड के सिलसिले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग भी की जा रही है।

आज देखा गया कि, दिल्ली के विभिन्न मोर्चों पर हजारों की संख्या में किसान पहुंचने लगे हैं। जो राज्य दिल्ली से दूर हैं, वहां इस आयोजन को रैलियों, धरने और अन्य कार्यक्रमों के साथ मनाने की तैयारी चल रही है। इस बीच, आज दिल्ली सरकार मुआवजे की मांग के अलावा लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की गिरफ्तारी और एमएसपी पर कानूनी गारंटी की किसानों की मांग का समर्थन करने की भी मांग करेगी। दिल्ली सरकार का यह कदम किसानों के बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन से एक दिन पहले आया है।












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