केंद्र सरकार की आपत्ति के बाद दिल्ली सरकार ने बदला घर-घर राशन योजना का नाम
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अपने सरकारी स्कीम का नाम बदल दिया है। केंद्र सरकार की आपत्ति के बाद अब मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना का नाम बदल दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार का घर तक राशन पहुंचाने की योजना में कोई बदलाव नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा कि हम केंद्र की सभी शर्तों को स्वीकार करेंगे, लेकिन योजना में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देंगे।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की महत्वकांक्षी योजना पर रोक लगा दी। केंद्र सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना को लागू नहीं करें। केंद्र सरकार ने किसी राज्य को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आवंटन के इस्तेमाल की अनुमति देने से भी रोक लगा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने चिट्ठी में योजना के नाम पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इसका नाम'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना' नहीं रखें।
केंद्र सरकार की आपत्ति पर केजरीवाल ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि केंद्र को मुख्यमंत्री शब्द पर आपत्ति है। लेकिन मैं साफ करना चाहूंगा कि हमने श्रेय लेने के लिए ऐसा नहीं किया है। अगर केंद्र को आपत्ति है तो अब योजना का कोई नाम नहीं होगा। यह अब कोई योजना नहीं है। मेरा मानना है कि इस फैसले से केंद्र को जो भी आपत्ति थी वह दूर हो गई और अब वे हमें इसे लागू करने की अनुमति देंगे। सोमवार को कैबिनेट की बैठक होगी और इसके प्रस्ताव केंद्र के पास भेजे जाएंगे। दिल्ली क मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से राशन माफिया को हटाकर गरीब लोगों को सीधे राशन पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हम 20-22 वर्षों से इस योजना के सपने देख रहे हैं और पिछले दो-तीन वर्षों से व्यक्तिगत तौर पर मैं इसकी तैयारी कर रहा था, लेकिन केंद्र की तरफ से आपत्ति करने के बाद हमारा दिल डूब गया। अब हम इसके रास्ते में कोई बाधा नहीं आने देंगे और उनकी सभी शर्तों को मानेंगे।












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