Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए', AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में उठाई मांग

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को राज्यसभा के शून्यकाल में लद्दाख में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और लोकतांत्रिक असहमति के दमन का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान, नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया।

'अघोषित आपातकाल की ओर देश को धकेल रही सरकार'

संजय सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जेल में डालकर सरकार देश को अघोषित आपातकाल की ओर ले जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों से सरकार डरने लगी है और इसलिए लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाया जा रहा है।

AAP MP Sanjay Singh

सोनम वांगचुक कोई अपराधी नहीं, उन्‍हें रिहा किया जाए

सदन में बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक कोई अपराधी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित जलवायु कार्यकर्ता, शिक्षाविद और दूरदर्शी नागरिक हैं। उन्होंने शिक्षा, सतत विकास और हिमालयी क्षेत्र में जलवायु संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं और लद्दाख को वैश्विक पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि वांगचुक ने हमेशा अहिंसक, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखी, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी आवाज़ को कुचलने के लिए NSA का दुरुपयोग किया।

लद्दाख आंदोलन के दौरान हिंसा का किया जिक्र

संजय सिंह ने बताया कि 24 सितंबर 2025 को लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान चार निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, 70 से अधिक लोग घायल हुए और 70 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कई लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया और आज भी 10 से अधिक लोग जेल में बंद हैं।

राष्ट्रभक्ति का इतिहास रखने वाले लद्दाख का अपमान

उन्होंने कहा कि यही लद्दाख है जिसने 1948, 1962, 1971, 1999 के कारगिल युद्ध और 2020 के सीमा तनाव के दौरान देश के साथ चट्टान की तरह खड़े होकर राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया है। ऐसे क्षेत्र के नागरिकों के साथ दमनकारी व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

जेल में जान को खतरे के आरोप बेहद गंभीर

संजय सिंह ने सोनम वांगचुक की पत्नी द्वारा जताई गई आशंकाओं का हवाला देते हुए कहा कि जेल में उनकी जान को खतरा, लगातार निगरानी और डर का माहौल बनाए जाने के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यह सब संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 की खुली अवहेलना है।

लोकतंत्र संवाद से मजबूत होता है, दमन से नहीं

संजय सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सीमावर्ती और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को डराकर और जेल में डालकर देश की एकता मजबूत नहीं की जा सकती। लोकतंत्र की मजबूती संवाद से आती है, दमन से नहीं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+