AAP के अयोग्य विधायकों का मामला, दिल्ली हाईकोर्ट का रोजाना सुनवाई का आदेश
नई दिल्ली। लाभ के पद मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने के केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने रोजाना सुनवाई का आदेश दिया है। बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर रोज सुनवाई हो। आप के अयोग्य विधायकों ने उनको अयोग्य ठहराए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दी है। इससे पहले कोर्ट ने मामले को दिल्ली हाईकोर्ट की डिविजन बेंच को ट्रांसफर कर दिया था। अब मामले में सुनवाई हाईकोर्ट की डिविजन बेंच कर रही है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में चुनाव आयोग से दिल्ली में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं करने के अपने फैसले को आगे भी जारी रखने के लिए कहा है।

AAP के अयोग्य MLAs की याचिका पर सुनवाई
आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को संसदीय सचिव के रूप में लाभ के पद पर होने के आरोप में चुनाव आयोग ने 19 जनवरी को अयोग्य घोषित कर दिया था, जिस पर राष्ट्रपति ने अपनी मोहर लगा दी थी। जिसके बाद कानून मंत्रालय ने 20 जनवरी को विधायकों के अयोग्य होने का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था।

लाभ के पद का है मामला
मार्च 2015 में आप ने 21 विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया जिसको लेकर प्रशांत पटेल नाम के वकील ने लाभ का पद बताकर राष्ट्रपति के पास शिकायत करते हुए इन विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। हालांकि विधायक जनरैल सिंह के पिछले साल विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद इस मामले में फंसे विधायकों की संख्या 20 हो गई थी।

कोर्ट ने उपचुनाव पर लगा रखी है रोक
आम आदमी पार्टी के केवल 8 विधायकों ने ही नोटिफिकेशन को चुनौती दी है (आम आदमी पार्टी के 20 विधायक अयोग्य घोषित हुए हैं) पार्टी से सारे अयोग्य घोषित किए गए विधायकों ने चुनौती नहीं दी है। कैलाश गहलोत, मदन लाल, सरिता सिंह, शरद चौहान और नितिन त्यागी ने एक याचिका दायर की जबकि राजेश ऋषि और सोमदत्त ने अलग अपील की, अल्का लांबा ने भी अलग याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने भी उपचुनाव पर रोक को जारी रखा है।












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