छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र खत्म, कुल 4 बैठकें, इन मुद्दे पर हुआ हंगामा
Chhattisgarh Vidhansabha: इन सत्रों में विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिसमें विपक्ष की मौजूदगी और गैरमौजूदगी दोनों ही स्थितियों में महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। विधानसभा में जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनमें सबसे बड़ा कदम राजस्व मामलों से जुड़ी राहत देने की घोषणा रही।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर के बीच आयोजित किया गया, जिसमें चार बैठकें हुईं। इन सत्रों के दौरान विभिन्न अहम मुद्दों पर चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक भी देखने को मिली, जिसमें कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच हलचल मची रही।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बच्चों की मौत पर हंगामा
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल में आश्रम-छात्रावासों में बच्चों की मौत का मुद्दा गरमाया। विधायक लखेश्वर बघेल ने इस मामले को उठाया, जिसमें मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पिछले 12 महीनों में छात्रावासों में 11 बच्चों की मौत हुई है। इन मौतों के कारणों में सड़क दुर्घटनाएं, बुखार, सिकल सेल, और मलेरिया शामिल हैं। बघेल ने इस पर अफसरों द्वारा गलत जानकारी देने का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश में 25-30 बच्चों की मौत हुई है। मंत्री ने मामले की जांच की बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े के भड़काऊ भाषण पर हंगामा
सारंगढ़ विधानसभा से कांग्रेस की विधायक उत्तरी जांगड़े के भड़काऊ भाषण मामले में विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। खरसिया के कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इसे जुबान फिसलने का मामला बताया, जबकि सत्तापक्ष के विधायकों ने विपक्ष पर प्रदेश को जलाने की साजिश करने का आरोप लगाया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई और सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में दोनों पक्षों के विधायकों के बीच फिर से नारेबाजी हुई और जय सतनाम और जय भीम के नारे लगे।
मांझी और मझवार समाज के जाति प्रमाण पत्र पर सवाल
विधानसभा में विधायक रामकुमार टोप्पो ने मांझी और मझवार समाज के जाति प्रमाण पत्र को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण समुदाय के युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रकरण तैयार कर जल्द ही भारत सरकार को भेजा जाएगा। टोप्पो ने बताया कि उन्होंने पहले भी इसी मुद्दे को उठाया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
धरमलाल कौशिक ने सदन में उठाया 660 करोड़ की रिएजेंट खरीदी में अनियमितता का मामला
रायपुर। वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने ध्यानाकर्षण के जरिये सदन में सीजीएमएससी द्वारा मोक्षित कार्पोरेशन से की गई 660 करोड़ रुपये की रिएजेंट खरीदी में हो रही अनियमितताओं का मामला उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई की मांग की और दोषियों को सजा दिलाने की अपील की।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री कौशिक ने कहा कि महालेखाकार ने भी स्वीकार किया है कि 660 करोड़ रुपये से अधिक की दवाइयों की खरीद में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ध्यानाकर्षण के जवाब में सभी तथ्यों को स्वीकार किया और इसे सही बताया।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मोक्षित कंपनी ने बिना डिमांड के और 15 दिनों के अंदर आनन-फानन में दवाइयों की सप्लाई की। ये दवाइयां कई स्वास्थ्य केंद्रों में भेजी गईं, जहां इसकी आवश्यकता नहीं थी, जिसके कारण दवाइयां बेकार हो गईं। कुछ दवाइयों को वापस मंगाया गया। इस पूरे मामले पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने जांच की मांग की, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में घोषणा की कि ई.ओ.डब्ल्यू. (आर्थिक अपराध शाखा) द्वारा जांच कराई जाएगी।
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