Chhattisgarh में अब होंगे 33 जिले, स्थापना दिवस में शामिल होंगे सीएम भूपेश, भव्य रोड शो की तैयारी
छतीसगढ़ में नवगठित पांच जिले अब अपने पूर्ण अस्तित्व में आने के लिए तैयार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घोषणा अनुसार इन पांच जिलों का गठन कर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है।
दुर्ग, 20 अगस्त। छत्तीसगढ़ में नवगठित पांच जिले अब अपने पूर्ण अस्तित्व में आने के लिए तैयार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घोषणा अनुसार इन पांच जिलों का गठन कर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। 1 सितंबर से 5 सितम्बर तक मुख्यमंत्री प्रत्येक जिले में जाकर इन जिलों के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिला कलेक्टर व नियुक्त ओएसडी ने कार्य्रकम की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।

खैरागढ और मोहला मानपुर पहुंचेंगे सीएम
छत्तीसगढ़ की संस्कार धानी राजनांदगांव जिले के अलग होकर बनाए गए नवगठित मोहला मानपुर - अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिला सितंबर के पहले ही सप्ताह में अतित्व में आ जाएंगे। इसकी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। अफसरों, कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। 2 सितंबर को मोहला- मानपुर और 4 सितंबर को खैरागढ़ - गंडई - छुईखदान जिले के स्थापना दिवस कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल होंगे। इसके अलावा 1 सितम्बर को सक्ति, 3 सितम्बर को मनेन्द्रगढ़, 5 सितम्बर को सारंगढ़ में स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। नए जिले में मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में दस्तावेजों का बंटवारा होगा।

एक साल पहले हुई थी घोषणा
मुख्यमंत्री ने सालभर पहले स्वतंत्रता दिवस पर मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी, सक्ति और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की घोषणा की थी। जिसके बाद इसे अस्तित्व में लाने प्रशासनिक तैयारी शुरु कर दी गई थी। वहीं मुख्यमंत्री ने खैरागढ़ विधानसभा के उप चुनाव के दौरान खैरागढ़ को जिला बनाने की बात घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। खैरागढ से राजनांदगांव जिला मुख्यालय बहुत दूर होने के कारण। यह क्षेत्रवासियों की पुरानी मांग थी उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के जितने के बाद क्षेत्र के रहवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया।
कर्मचारियों व दस्तावेजों का बंटवारा
खैरागढ व मानपुर मोहला दोनों ही जिलों में प्रशासनिक तौर पर ओएसडी की नियुक्ति कर जनता के शासकीय कार्य शुरू कर दिए गए थे । गजट नोटिफिकेशन के बाद दोनों जिलों में विभागीय दफ्तर संचालन के लिए जगह का चिन्हांकन भी कर लिया गया है। कलेक्टोरेट और एसपी दफ्तर के लिए स्थल निर्धारित कर दिए गए हैं। नए जिले में विभागीय कामकाज शुरू करने के लिए राजस्व, सांख्यिकी, योजना, खाद्य,आबकारी, खनिज,तहसील कार्यालय जैसे मुख्य विभागों में कर्मचारियों को अटैच भी किया गया है। विभागीय दस्तावेजों को अलग-अलग किया जा रहा है। उद्घाटन के दौरान नए जिले के दस्तावेज भी सौंपे जाएंगे।
सीमित होगा राजनांदगांव, नए जिलों में बढ़ेगी सुविधाएं
इन दोनों जिलों के अस्तित्व में आते ही राजनांदगांव जिला सीमित हो जाएगा। राजनांदगांव जिले में वन क्षेत्र भी कम हो जाएंगे। इन नए जिलों के निर्माण ले बाद आम जनता से जुड़ी सुविधाएं बढ़ेंगी। खैरागढ राजनांदगांन जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी पर था, वहीं मानपुर मोहला भी 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, अब यहां के नागरिकों को
के लिए विभागीय दफ्तर नजदीक में ही उपलब्ध होंगे। इसके लिए भवनों का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।

भव्य रोड शो की तैयारी
अफसरों ने मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा जिले से संबंधित दस्तावेज के बंटवारे की तैयारी में प्रशासनिक अफसर जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री जिले के शुभारंभ समारोह में शामिल होंगे इसके साथ ही रोड शो की भी तैयारी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब जिलों की संख्या 28 से बढ़कर अब 33 हो जाएंगे। नए जिलों में सक्ति, सारंगढ़, मोहला मानपुर, व खैरागढ़ शामिल होंगे प्रदेश सरकार द्वारा इसके पहले गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले का गठन किया गया था।












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