3 राज्यों में गवर्नर रहे रमेश बैस नहीं हुए हैं रिटायर्ड, सक्रिय राजनीति में लौटेंगे दोबारा, चर्चा हुई तेज
Ramesh Bais political Future: भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश बैस सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते हैं। वह त्रिपुरा, झारखंड, और महाराष्ट्र के राज्यपाल के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बाद रायपुर लौट चुके हैं। रमेश बैस रायपुर लोकसभा सीट से 7 बार सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं, एक समय मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। बहरहाल एक बार फिर सक्रिय राजनीति में वापसी की चर्चा चल रही है।
भाजपा के जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिनों पहले ही भाजपा के कई नेता रमेश बैस से मिलने उनके निवास पर पहुंचे थे। सभी ने उसने दोबारा संगठन में सक्रिय होने का आग्रह कियाथा। अब संभावना जताई जा रही है कि बीजेपी उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दे सकती है। बैस खुद भी इस संबंध में कई बार कहा चुके हैं कि पार्टी उन्हें जो भी आदेश देगी, वह उसको निभाएंगे।

छत्तीसगढ़ में भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शुमार रमेश बैस की उम्र लगभग 77 वर्ष है। अब यह माना जा रहा है कि उनको मार्गदर्शक मंडल में शामिल किया जा सकता है। बैस अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के बड़े चेहरे हैं, और विधानसभा चुनावों के दौरान भी उनके सक्रिय राजनीति में लौटने की चर्चाएं हुई थीं। बीते सालों में उन्हें भाजपा की तरफ से सीएम पद का भी दावेदार माना जाता रहा था।
यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक अवकाश घोषित, जानिए दशहरा-दीपावली समेत कब मिलेंगी छुट्टियां
रमेश बैस के सियासी करियर का आगाज़ 1978 में रायपुर नगर निगम के पार्षद के रूप में किया था। इसके बाद, 1980 में वह अविभाजित मध्यप्रदेश से विधायक निर्वाचित हुए। 1989 में उन्होंने पहली दफा रायपुर लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव जीता। इसके लगातार ने 1996, 1998, 1999, 2004, 2009, और 2014 तक सात बार सांसद के रूप में चुनाव जीतकर संसद बने। इस दौरान वह विभिन्न केंद्र सरकारों में केंद्रीय मंत्री भी थे।
रमेश बैस को 29 जुलाई 2019 को त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया। इसके बाद उन्होंने झारखंड, महाराष्ट्र में भी राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से मुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ में वापसी कर ली हैं। जिसके बाद से ही राजनीति गलियारों में एक नई हलचल देखने को मिल रही है।
रमेश बैस की सियासत से जुड़ी खास बातें
(1) रायपुर लोकसभा सीट से लगातार 7 बार सांसद रह चुके हैं।
(2) त्रिपुरा, झारखंड, और महाराष्ट्र के गवर्नर के तौर पर कार्य किया है। इस दौरान तीनो राज्यों में काफी सियासी उठापटक देखने को मिली,जिसे बखूबी संभाला।
(3) 1978 में रायपुर नगर निगम के पार्षद के तौर पर राजनीतिक जीवन शुरू किया।
(4) 1980 में अविभाजित मध्य प्रदेश से विधायक होने का अवसर मिला।
(5) कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद का दावेदारों की प्रमुख चेहरा थे।
(6) छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।
यह भी पढ़ें NIA ने ध्वस्त किया लाल आतंकियों का नेटवर्क, छत्तीसगढ़ में रुकी नक्सलियों की फंडिंग
-
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट -
3 शादियां कर चुकीं 44 साल की फेमस एक्ट्रेस ने मोहनलाल संग शूट किया ऐसा इंटीमेट सीन, रखी 2 शर्तें और फिर जो हुआ -
साथ की पढ़ाई, साथ बने SDM अब नहीं मिट पा रही 15 किलोमीटर की दूरी! शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि बिखर गया रिश्ता? -
Iran Israel War: 'भारत युद्ध रुकवा सकता है', खामेनेई के दूत ने कही ऐसी बात, टेंशन में ट्रंप -
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
27 की उम्र में सांसद, अब बालेन सरकार में कानून मंत्री, कौन हैं सोबिता गौतम, क्यों हुईं वायरल? -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा












Click it and Unblock the Notifications