Kawardha News: सरकारी दफ्तरों के 13 करोड़ का बिजली बिल बकाया, कम्पनी ने काटे कनेक्शन
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरकारी दफ्तरों में लोग अपने निजी कार्यों को लेकर परेशान हो रहें हैं। क्योंकि इन दफ्तरों में कम्प्यूटर समेंत अन्य उपकरण बन्द पड़े है। इनके बन्द होने के जिम्मेदार स्वयं नगर पंचायत और जनपद के अधिकारी हैं। बिजली कम्पनी ने नगर पंचायत पंडरिया में बुधवार को कई सरकारी दफ्तरों की बिजलियां काट दी गई है। जिसके कारण काम काज ठप्प रहा और दफ्तरों के लोग चक्कर लगाते रहे।

लोगे भटकते रहे, अधिकारी फोन घनघनाते रहे
पंडरिया ब्लाक में सरकारी अफसरों ने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया तो कंपनी ने नगर पंचायत, जनपद पंचायत समेत कई सरकारी दफ्तरों के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। इससे दिनभर कामकाज ठप रहा। लोग अपने निजी शासकीय कार्यो के लिए परेशान होते रहे। क्योंकि कम्प्यूटर समेंत अन्य उपकरण बन्द होने से ऑपरेटरों ने भी काम बंद कर दिया। इन कार्यालयों में सरकारी अफसर दिन भर बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन घनघनाते रहे।इन विभागों में पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन व विकास विभाग स्कूल शिक्षा विभाग, पीएचई विभाग, आदिम जाति विभाग, राजस्व प्रबंधन महिला व बाल विकास विभाग, कृषि, लोक सेवा केंद्र, वन विभाग, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, परिवहन विभाग समेत अन्य विभाग बकायेदारों की सूची में शामिल हैं।

13 करोड़ का बिल बकाया, इसलिए काटी गई बिजली
बिजली विभाग के अनुसार इस ऑफिसों के 5 लाख से लेकर 2 करोड़ तक बिजली बिल बकाया है। जानकारी के मुताबिक कवर्धा डिवीजन अंतर्गत सरकारी विभागों पर बिजली बिल के करीब 13 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसी तरह जनपद कार्यालय पंडरिया पर बिजली बिल का 9 लाख रुपये बकाया है। नगर पंचायत पंडरिया के करीब एक करोड़ 54 लाख बकाया हैं। जिसके चलते बकाएदार विभागों की बिजली बुधवार सुबह काट दी गई।
स्ट्रीट लाइट काटने की तैयारी कर रहा विभाग
बिजली विभाग के अधिकारी पीके अग्रवाल ने बताया कि बुधवार सुबह जनपद पंचायत और नगर पंचायत के कार्यालयों का बिजली बिल जमा नहीं होने पर बिजली काटने की कार्रवाई की गई थी। लेकिन 15 दिनों की लिखित मोहलत के साथ फिर से शाम को बिजली जोड़ दी गई है। इस दरमियान बिल का भुगतान नहीं करने पर कार्यालयों के साथ स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।बिजली विभाग के अनुसार नगर पंचायत पंडरिया सबसे बड़े बकायेदारों में शामिल है। नगरीय निकाय पर बिजली बिल के एक करोड़ 54 लाख रुपए बकाया है। जो कई सालों से जमा नहीं कराया गया है।
नेट कनेक्टिविटी को बताया कारण
जनपद पंचायत सीईओ तरुण बघेल का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से भारत नेट कार्यक्रम अंतर्गत ग्राम पंचायतों में नेट कनेक्टिविटी दी जा रही हैं। इसके कारण बिजली का बिल अधिक आ रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने बिजली विभाग को 15 दिनों के भीतर बिजली बिल जमा करने के लिए लिखित पत्र दिया है। उन्होने बताया कि बिजली बिल का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। गुरुवार तक बिजली कनेक्शन जोड़ने का आश्वासन विभाग ने दिया गया है।
आम उपभोक्ताओं पर भी विभाग ने की कार्रवाई
दरअसल कवर्धा क्षेत्र में अक्टूबर माह का बिजली बिल में सुरक्षा निधि जोड़ने से उपभोक्ताओं को बिजली बिल बढ़ गया है। कवर्धा डिवीजन में बिल भुगतान न होने की स्थिति में सख्ती बरतते हुए आम उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जबकि सरकारी विभागों को नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही थी। हर बार नोटिस के बाद सिर्फ विभागों से आश्वाशन ही मिला। लेकिन अब सरकारी दफ्तरों पर भी विभाग ने कार्रवाई की है।












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