सीएम भूपेश बघेल ने कहा- यूक्रेन से जल्द छात्रों को निकाला जाए और बढ़ाई जाए विमानों की संख्या
रायपुर। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच लाखों भारतीय छात्र वहां फंसे हुए हैं, जिन्हें देश वापस लाने व किसी सुरक्षित स्थान पर भेजने में भारत सरकार कोशिश में जुटी हुई। वहीं विपक्ष सरकार की कार्रवाई को लेकर निशाना साध रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि खार्किव और कीव में फंसे छात्रों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मैं भारत सरकार से इन छात्रों को सीमा के पास लाने का अनुरोध करता हूं ताकि उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। साथ ही निकासी विमानों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि एयर इंडिया ने टिकट का किराया 24,000- 25,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000- 80,000 रुपये कर दिया है, अगर ऐसा ही होता तो कई और छात्र समय पर वापस आ जाते।
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छत्तीसगढ़ से हैं 150 स्टूडेंट्स
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने अलग-अलग शहरों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की सूची तैयार की है, जिसमें अब तक 150 से अधिक स्टूडेंट्स की जानकारी एकत्रित की गई है। दूतावास ने बच्चों को फिलहाल, सुरक्षित रहने की सलाह दी है। बच्चों को बिना दिशा-निर्देशों के बार्डर जाने से बचने की सलाह दी है। स्थिति सामान्य होने का इंतजार करने के लिए कहा है।
युद्धग्रस्त देश यूक्रेन की स्थिति भयानक दौर से गुजर रही है। गुरुवार (24 फरवरी) से शुरू हुए रूसी सेना के हमले रविवार को भी लगातार जारी है। ऐसे में लोग जान बचाकर यूक्रेन की राजधानी कीव सहित अन्य शहरों को छोड़ रहे हैं। इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने का काम भी सरकार की तरफ से किया जा रहा है। कल यानी शनिवार को 219 छात्रों की पहली निकाली फ्लाइट रोमानिया से मुंबई पहुंची। वहीं अब हंगरी और रोमानिया से भारतीय नागरिकों को लेकर ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ानें दिल्ली के लिए रवाना हुई।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने छात्रों की निकाली को लेकर बताया कि भारत सरकार का ऑपरेशन गंगा चल रहा है, जिसके तहत 198 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित दिल्ली लाने के लिए चौथी फ्लाइट रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से रवाना हो गई है। वहीं बुडापेस्ट (हंगरी) से 240 भारतीय नागरिकों को लेकर तीसरी उड़ान दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है। दरअसल, यूक्रेन में एयर स्पेस पूरी तरह से बंद है। ऐसे में पड़ोसी देश रोमानिया और हंगरी से भारतीय छात्रों को फ्लाइट के जरिए वतन वापसी कराई जा रही है।












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