राजपथ पर नहीं दिखेगी छत्तीसगढ़ की झांकी, संस्कृति विभाग के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने किया रिजेक्ट

छत्तीसगढ़ के संस्कृत विभाग द्वारा मिलेट मिशन पर आधारित झांकी का प्रदर्शन राजपथ पर किया जाना था। लेकिन केंद्र सरकार की चयन समिति ने इसे रिजेक्ट कर दिया है। इसे लेकर संस्कृति मंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

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गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ पर इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। क्योंकि छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन इस बार नहीं किया गया। इस बात पर अब प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। मंत्री अमरजीत ने छत्तीसगढ़ से भेदभाव का आरोप लगाया।

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मिलेट मिशन का प्रोजेक्ट किया था तैयार
ऐसा नहीं है कि इस बार छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग ने इस बार अपना प्रोजेक्ट दिल्ली नहीं भेजा। संस्कृति विभाग ने इस साल "मिलेट मिशन" पर आधारित झांकी तैयार करने की योजना बनाई थी, संस्कृति विभाग ने हर बार की तरह इस बार भी चयन होने की उम्मीद जताई थी। लेकिन छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन नहीं हो सका।

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संस्कृति मंत्री ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
झांकी के चयन नहीं होने पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, " मिलेट मिशन" थीम का चयन कर प्रस्ताव केंद्र भेजा गया था। लेकिन उस महत्वपूर्ण विषय का चयन नहीं किया गया। मंत्री भगत ने बताया कि झांकी का चयन किस वजह से नहीं किया गया, वो जानकारी नहीं दी गयी है, लेकिन चयन नहीं होना छत्तीसगढ़ के लिए निराशानजक हैं।अमरजीत भगत ने कहा कि ये उनकी मानसिकता को दर्शाता है, छत्तीसगढ़ की झांकी को शामिल न करके प्रदेश के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

26 जनवरी को राजपथ पर होना था प्रदर्शन
दरअसल इस साल भी 26 जनवरी को राजपथ में विभिन्न प्रदेशों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाना है। जिसके तहत सेंट्रल जोन से छत्तीसगढ़ ने भी "मिलेट मिशन" पर आधारित झांकी तैयार करने की जानकारी भेजी थी। 1 जोन से 2 राज्यो का चयन होना था। सेंट्रल जोन में यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल है।
हर साल शामिल होती थी झांकियां
छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन नहीं होने पर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई है। जबकि हर साल छत्तीसगढ़ की सभ्यता को लेकर बनाई झांकी राजपथ में नजर आती थी। छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दर्शाते हुए झांकियों ने कई पुरस्कार भी जीते हैं। फिलहाल रिजेक्शन का कारण स्पष्ठ नहीं है। जबकी वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री अपनी पूरी कैबिनेट और सांसदों के साथ मिलेट प्रोडक्ट से बना लंच कर मिलेट मिशन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।

मीलेट मिशन के तहत सरकार कर रही बेहतर प्रयास
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार मिलेट मिशन के माध्यम से किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रेरित कर रहें हैं। राज्य में मिलेट उत्पादकों को 9,000 रूपए प्रति एकड़ 'इनपुट सब्सिडी' दी जा रही है। इन कारणों से विगत 02 वर्षाे में राज्य में मिलेट फसलों के रकबे एवं उत्पादन में दो गुना से अधिक वृद्धि हुई है। इसके साथ ही सीएम ने विधानसभा सत्र के बाद अपनी पूरी कैबिनेट के साथ मिलेट से बने हलवा और खीर का लंच कर इसे बढ़ावा देने का प्रयास कर रहें हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ से इस मिशन पर बनाई गई झांकी का रिजेक्ट होना प्रदेश के लिए निराशाजनक है।
किस तरह होता है चयन
हर साल गणतंत्र दिवस परेड पर राज्यों की झांकियों के चयन के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा सलेक्शन कमेटी बनाई जाती है। जिसकी जांच तीन स्तर पर होती है। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय कला, अंतरराष्ट्रीय स्तर की ब्रांडिंग और मनोहारी दृश्यों वाली झांकियों का चयन कमेटी द्वारा किया जाता है।

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