Chhattisgarh के इस गांव में शराब पीना पड़ेगा महंगा, जुर्माना सुनकर उड़ जाएंगे होश, जानिए पूरा मामला
Chhattisgarh में शराबबंदी को लेकर भाजपा और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। सत्ता पक्ष जहां एक ओर अचानक शराबबंदी लागू नहीं करना चाहती, बल्कि पूरी तैयारी के साथ लागू करना चाहती है। तो वहीं विपक्ष में बैठी भाजपा चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने पर सवाल खड़े कर रही है। इस बीच छत्तीसगढ़ के कुछ ऐसे गांव भी हैं। जिन्होंने अब स्वयं ही अपने गांव में शराब की एंट्री पर बैन लगा दिया है। मंत्री रविन्द्र चौबे के साजा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चिल्फी में ग्रामीणों के इस फैसले के बाद अब गांव के शराबियों में चर्चा शुरू हो चुकी है कि अब कैसे प्यास बुझाई जाए।

शराबबंदी करने वाला छत्तीसगढ़ का तीसरा गांव बना चिल्फी
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम घुमका समेत दो गांवो में इसी तरह शराबबंदी का फैसला लिया गया। जिसकी प्रदेश भर में सराहना हो रही है। ग्रामीणों ने इसके लिए कड़े नियम भी बनाये गए हैं। इसी तरह अब ग्राम चिल्फी प्रदेश का तीसरा गांव बन गया है। जहां महिलाओं ने यह कदम उठाया है। इन गांवो में शराबबंदी लागू होने के बाद, प्रदेश के कई गांवों में अब इसी तरह से नियम बनाने की तैयारी की जा रही है।

ग्राम पंचायत की आम सभा ने लिया शराबबंदी का फैसला
ग्राम चिल्फी बेंदरची में शराबबंदी को लेकर महिलाओं ने कई बार कलेक्टर और पुलिस को पत्र सौंपा। लेकिन अवैध शराब की बिक्री, मारपीट , घरेलू हिंसा से परेशान समूह की महिलाओं ने स्वयं आगे आकर यह बेहतर पहल शुरू की। ग्राम पंचायत में संचालित 12 महिला समुहों ने ग्रामीणों के सहयोग से ग्रामसभा की बैठक आयोजित की, जिसमें ग्रामीणों की सहमति से गांव में पूर्ण शराबबंदी का करने का प्रस्ताव पास किया गया।
पीते पाए गए तो 21 हजार, बेचा तो 51 हजार का जुर्माना
शरबाबन्दी के लिए ग्रामीणों ने कड़े नियम भी बनाएं हैं जिसके तहत गांव में अवैध शराब बेचते पाए गए तो 51 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा शराब खरीदने पर 21 हजार रुपए और गांव के सार्वजनिक जगहों में शराब पीते पाए जाने पर 5 हजार रुपए की जुर्माना राशि तय की गई है। इतना ही नहीं अगर शराब बेचते देख लिया तो समूह को बताने वाले को 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
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गौठान में लगाया बोर्ड, महिलाओं और युवा संगठन का रहा योगदान
ग्राम पंचायत चिल्फी के सरपंच रामजी साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत ने अब शराबबन्दी का फैसला लिया है। ग्रामीणों में इस बात को अमल में लाने के लिए बड़े बड़े फ्लेक्स और वाल राइटिंग करवाये गए हैं। गांव के गौठान में बोर्ड लगाया गया है। ताकि लोग इन बातों से जागरूक व सचेत रहे। इसमें ग्राम चिल्फी के अनुराग महिला समूह, और युवा संगठन व समस्त ग्रामवासी चिल्फी के नाम पर साइन बोर्ड लगाया गया है।
अब गांव में है शांति, शराबी हो रहे परेशान
सरपंच बताते हैं कि पहले गांव में अवैध शराब ब्रिक्री के कारण माहौल खराब रहता था। बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ता था। कई युवा भी अपना जीवन नशे से बर्बाद कर रहे थे। लेकिन ग्रामीणों के इस फैसले के बाद से अब गांव में शांति का माहौल है। अब गांव में अवैध शराब बिक्री पर रोक लगी है। उन्होंने बताया कि गांव के शराबी अब गांव के अंदर सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन नहीं करते हैं। इसलिए वे भी परेशान है कि आखिर प्यास कैसे बुझाई जाए।












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