Chhattisgarh: कोयला संकट के बीच भूपेश बघेल सरकार का अहम निर्णय
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर जनहित को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन की तरफ राज्य की स्टेंड एलोन रोलिंग मिलों को ऊर्जा प्रभार में 9 माह तक के लिए 24 फीसदी की विशेष छूट दिए जाने का फैसला लिया है।
रायपुर, 02 अगस्त। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर जनहित को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन की तरफ राज्य की स्टेंड एलोन रोलिंग मिलों को ऊर्जा प्रभार में 9 माह तक के लिए 24 फीसदी की विशेष छूट दिए जाने का फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग मंत्रालय की तरफ जारी आदेश के मुताबिक रोलिंग मिलों को 01 जुलाई 2022 से 31 मार्च 2023 क बीच खपत की गई बिजली की मात्रा पर देय ऊर्जा प्रभार में 24 फीसदी की छूट प्रदान की गई है। इससे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड कंपनी को होने वाले हानि की प्रतिपूर्ति के लिए देय सब्सिडी राशि का छत्तीसगढ़ शासन की तरफ अग्रिम भुगतान किया जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के द्वारा 01 अप्रैल 2022 से लागू नई विद्युत की दरों से उत्पन्न परिस्थिति में छत्तीसगढ़ में एचव्ही-4 टैरिफ संवर्ग में सम्मिलित स्टेंड एलोन रोलिंग मिलें, जो सीएसपीडीसीएल से बिजली हासिल कर रही हैं, को परिस्पर्धा में बनाए रखते हुए जनहित में छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से रियायती पैकेज के तहत खास छूट प्रदान की गई है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 175 रोलिंग मीलें हैं। रायपुर में 125 मीलें संचालित हैं। कोयला के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी और महंगी बिजली के चलते रोलिंग मीलों का संचालन प्रभावित हुआ है। रोलिंग मिलों के संचालन को बनाए रखने के लिए ऊर्जा प्रभार में छूट देकर खास राहत दी गई है, ताकि रोलिंग मिलों में काम करने वाले मजदूरों को रोजगार मिलता रहे।
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